UP Voter List Verification: पीलीभीत में गड़बड़ी के बाद चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, पूरे उत्तर प्रदेश में मतदाता सूचियों की होगी गहन जांच
मुख्य बिंदु:
पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में गड़बड़ी सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने पूरे यूपी में मतदाता सूचियों की फिर से गहन जांच के निर्देश दिए हैं।
फॉर्म-6, 7 और 8 के जरिए नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया का दोबारा सत्यापन किया जाएगा।
5 चुनावी राज्यों में एसआईआर (SIR) के दौरान कुल 2.29 करोड़ वोटर कम हुए हैं, जिनमें अकेले यूपी के 2.04 करोड़ वोटर शामिल हैं।
नई दिल्ली: पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में गड़बड़ी सामने आने के बाद भारतीय चुनाव आयोग ने बेहद सख्त कदम उठाया है। आयोग ने पूरे उत्तर प्रदेश में मतदाता सूचियों की फिर से गहन जांच के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत राज्य के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ERO) को अपने-अपने क्षेत्रों की मतदाता सूचियों का दोबारा सत्यापन करने के लिए कहा गया है।
फॉर्म-6, 7 और 8 की होगी बारिकी से जांच
चुनाव आयोग द्वारा यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे गए निर्देशों में कहा गया है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की अनियमितता को तुरंत दूर किया जाए। सत्यापन के दौरान विशेष तौर पर निम्नलिखित फॉर्मों की बारिकी से जांच की जाएगी:
फॉर्म-6: वोटर सूची में नया नाम दर्ज कराने के लिए।
फॉर्म-7: सूची से नाम हटाने के लिए।
फॉर्म-8: सूची में दर्ज विवरण में सुधार या संशोधन के लिए।
मतदाताओं से संबंधित जरूरी जानकारी दो दिन के भीतर अपडेट करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पीलीभीत में होगी अलग से विशेष जांच
चुनाव आयोग ने पीलीभीत की चारों विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की स्क्रूटनी कराने के भी निर्देश दिए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसे मुख्य निर्वाचन अधिकारी की टिप्पणी के साथ सात दिन के भीतर आयोग को भेजना होगा। इस प्रक्रिया में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन में नियमों के उल्लंघन की जांच की जाएगी। आपको बता दें कि इस मामले में आयोग ने दो एसडीएम मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी को निलंबित करने के निर्देश भी दिए थे।
5 राज्यों में 2.29 करोड़ वोटर कम, अकेले यूपी में 2.04 करोड़ घटे
यूपी समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले हुए एसआईआर (SIR) में कुल वोटरों की संख्या में 12.2% की कमी आई है, जिसका 90% हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश का है।
उत्तर प्रदेश: यूपी में एसआईआर से पहले वोटरों की संख्या 15.44 करोड़ थी, जो मसौदा मतदाता सूची में घटकर 12.56 करोड़ रह गई। हालांकि, अंतिम मतदाता सूची में यह संख्या बढ़कर 13.40 करोड़ हो गई। कुल मिलाकर यूपी में 13.24% (2.04 करोड़) वोटर कम हुए हैं।
पंजाब और उत्तराखंड: पंजाब में मतदाताओं की संख्या 2.15 करोड़ से घटकर 2.01 करोड़ हो गई (14 लाख की कमी)। वहीं, उत्तराखंड में 8 लाख वोटर कम हुए हैं और संख्या घटकर 72 लाख रह गई है। मणिपुर और गोवा में भी एसआईआर के दौरान 1.3-1.3 लाख वोटर कम हुए हैं।
