|
खबरों के लिए Follow करें Primary Ka Master चैनल

Full width home advertisement

ADVERTISEMENT

Post Page Advertisement [Top]

UPTET 2026: नॉर्मलाइजेशन पर 150 शिक्षकों की याचिका खारिज, इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश

 

यूपीटीईटी (UPTET 2026) : फेल अभ्यर्थियों को कोर्ट से राहत नहीं



प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपीटीईटी 2026 में अंकों के सामान्यीकरण (नॉर्मलाइजेशन) को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकल पीठ ने वीरेंद्र सिंह समेत 150 याचिकाकर्ताओं की याचिका पर यह फैसला सुनाया। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि नॉर्मलाइजेशन से उनके अंक घट गए, जिससे वे न्यूनतम अर्हक अंक हासिल नहीं कर सके। आयोग ने दलील दी विज्ञापन में नॉर्मलाइजेशन का प्रावधान स्पष्ट था व अभ्यर्थियों ने समय रहते इसे चुनौती नहीं दी।


 

UPTET 2026: इलाहाबाद हाईकोर्ट से 150 शिक्षकों को झटका, नॉर्मलाइजेशन के खिलाफ याचिका खारिज

UPTET Result 2026

 

News

: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 के परिणाम में नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को चुनौती देने वाले 150 शिक्षकों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की पीठ ने 15 अक्टूबर 2026 को पारित आदेश में याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ताओं ने UPTET 2026 के परिणाम में नॉर्मलाइजेशन के कारण अंकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का आरोप लगाया था।

खबरें पढ़ें

इलाहाबाद हाईकोर्ट में 150 शिक्षकों ने दाखिल की थी याचिका

यह मामला रिट-ए संख्या 17135/2026, वीरेंद्र सिंह एवं 149 अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं 2 अन्य से संबंधित है। याचिकाकर्ता उत्तर प्रदेश के विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।

याचिका में UPTET 2026 के 26 अगस्त 2026 को घोषित परिणाम को चुनौती दी गई थी। शिक्षकों का कहना था कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा अपनाई गई नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया के कारण उनके प्राप्तांकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा, जिसके चलते वे परीक्षा के निर्धारित न्यूनतम अर्हक अंक प्राप्त नहीं कर सके।

शिक्षकों ने नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया पर क्या सवाल उठाए?

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में दलील दी गई कि 20 मार्च 2026 के विज्ञापन में परीक्षा आयोजित करने की व्यवस्था का उल्लेख था, लेकिन नॉर्मलाइजेशन लागू करने के तरीके की पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई थी।

उनका तर्क था कि परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद ही उन्हें नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया के प्रतिकूल प्रभाव का पता चला। इसी आधार पर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया।

आयोग और राज्य सरकार की ओर से क्या दलील दी गई?

प्रतिवादी पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया अपनाने के संबंध में 26 फरवरी 2026 को ही संबंधित सूचना जारी की गई थी। इसके अतिरिक्त, परीक्षा के विज्ञापन में भी अंकों के नॉर्मलाइजेशन से संबंधित प्रावधान शामिल था।

प्रतिवादी पक्ष ने यह भी दलील दी कि अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रक्रिया और निर्धारित नियमों को चुनौती देने का अवसर पहले उपलब्ध था। परीक्षा में शामिल होने और परिणाम में असफल रहने के बाद केवल प्रतिकूल परिणाम के आधार पर निर्धारित प्रक्रिया को चुनौती देना उचित नहीं है।

UPTET 2026 परीक्षा कई पालियों में हुई थी

अदालत के आदेश के अनुसार, परीक्षा को कई पालियों में आयोजित करने का निर्णय बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों के कारण लिया गया था। ऐसी स्थिति में अलग-अलग पालियों में परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के अंकों की तुलना में समानता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए नॉर्मलाइजेशन को एक मान्य प्रक्रिया बताया गया।

आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि 22 जून 2026 को परीक्षा कार्यक्रम जारी किया गया था। इसके अनुसार, 2 जुलाई 2026 को उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा दो पालियों में, 3 जुलाई को उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा सुबह और प्राथमिक स्तर की परीक्षा दोपहर में तथा 4 जुलाई को प्राथमिक स्तर की परीक्षा आयोजित की जानी थी।

न्यूनतम अर्हक अंकों का भी हुआ उल्लेख

अदालत के आदेश में संबंधित विज्ञापन के अनुसार न्यूनतम अर्हक अंकों का उल्लेख भी किया गया है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 60 प्रतिशत तथा आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 55 प्रतिशत न्यूनतम अर्हक अंक निर्धारित होने की बात कही गई।

150 अंकों की परीक्षा में सामान्य वर्ग के लिए 90 अंक और आरक्षित वर्ग के लिए 82 अंक का उल्लेख आदेश में किया गया है।

हाईकोर्ट ने क्यों खारिज की याचिका?

मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध रिकॉर्ड पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप करने का कोई पर्याप्त आधार नहीं पाया।

अदालत ने माना कि याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा के विज्ञापन में निर्धारित व्यवस्था को उचित समय पर चुनौती नहीं दी थी। केवल इसलिए कि परीक्षा परिणाम उनके पक्ष में नहीं आया, नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को चुनौती देने की अनुमति नहीं दी जा सकती, जब तक प्रक्रिया अपनाने या लागू करने में कोई अवैधता अथवा मनमानी प्रदर्शित न हो।

इसी आधार पर अदालत ने याचिका खारिज कर दी।

शिक्षकों के लिए क्या है इस आदेश का मतलब?

इलाहाबाद हाईकोर्ट का यह आदेश UPTET 2026 के परिणाम में नॉर्मलाइजेशन को चुनौती देने वाले इस मामले से संबंधित है। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को राहत देने से इनकार किया है।

महत्वपूर्ण: आदेश में इस याचिका को खारिज किया गया है। इसे सभी संभावित UPTET मामलों या अन्य अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर लागू होने वाला सार्वभौमिक निर्णय नहीं माना जाना चाहिए। आदेश में नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया के खिलाफ इस मामले में हस्तक्षेप का आधार नहीं पाया गया।

आदेश का विवरण:

न्यायालय: इलाहाबाद हाईकोर्ट

पीठ: न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर

वाद संख्या: रिट-ए संख्या 17135/2026

याचिकाकर्ता: वीरेंद्र सिंह एवं 149 अन्य

आदेश की तारीख: 15 अक्टूबर 2026

निर्णय: याचिका खारिज

माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET), 2026 में अंकों के सामान्यीकरण (normalization) की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली एक रिट याचिका पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। यह आदेश माननीय न्यायमूर्ति श्री विनोद दिवाकर जी की एकल पीठ द्वारा वीरेंद्र सिंह एवं 149 अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य के मामले में पारित किया गया।

मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, याचिकाकर्ता उत्तर प्रदेश के विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने UPTET-2026 के 26 अगस्त 2026 को घोषित परिणाम को चुनौती दी थी, जिसमें वे निर्धारित न्यूनतम अर्हक अंक (qualifying marks) प्राप्त न कर पाने के कारण अनुत्तीर्ण घोषित कर दिए गए थे। याचिकाकर्ताओं की मुख्य शिकायत यह थी कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा परिणाम तैयार करते समय उनके वास्तविक अंकों (raw marks) पर जो सामान्यीकरण प्रक्रिया लागू की गई, उससे उनके प्राप्तांक कम हो गए और वे परीक्षा पास करने से चूक गए।

याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि 20 मार्च 2026 के विज्ञापन में 15 मार्च 2021 के शासनादेश के तहत परीक्षा कराने की बात कही गई थी, जिसमें सामान्यीकरण का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं था। उनका तर्क था कि परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को यह नहीं बताया गया कि सामान्यीकरण की प्रक्रिया किस प्रकार लागू की जाएगी। जब परिणाम आया और वे असफल हुए, तब उन्हें इसके प्रतिकूल प्रभाव का पता चला, जिसके चलते उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

दूसरी ओर, प्रतिवादियों के अधिवक्ता ने इन दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि परीक्षा विज्ञापन के खंड 9 में 26 फरवरी 2026 के पत्र के अनुसार अंकों के सामान्यीकरण का स्पष्ट प्रावधान किया गया था। इसके बावजूद याचिकाकर्ताओं ने विज्ञापन के उस प्रावधान को समय रहते चुनौती नहीं दी। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के स्थापित फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में भाग लेने और उसमें असफल हो जाने के बाद कोई भी अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया या मूल्यांकन पद्धति पर सवाल नहीं उठा सकता।

दोनों पक्षों के तर्कों और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद माननीय न्यायमूर्ति श्री विनोद दिवाकर जी ने पाया कि परीक्षा में अत्यधिक संख्या में आवेदन आने के कारण परीक्षा को तीन दिनों में कई पालियों (multiple shifts) में आयोजित करना आवश्यक हो गया था। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अलग-अलग पालियों में होने वाली परीक्षाओं में निष्पक्षता और मूल्यांकन की समानता सुनिश्चित करने के लिए अंकों का सामान्यीकरण एक मान्य और स्थापित वैज्ञानिक तंत्र है।

माननीय न्यायमूर्ति श्री विनोद दिवाकर जी ने यह भी रेखांकित किया कि याचिकाकर्ताओं ने न तो मूल विज्ञापन को और न ही कई पालियों में परीक्षा कराने के शेड्यूल को समय पर चुनौती दी थी। उचित स्तर पर प्रक्रिया पर सवाल उठाए बिना पूरी परीक्षा में शामिल होने के बाद, केवल असफल हो जाने पर इस प्रकार की देरी से दी गई चुनौती को स्वीकार नहीं किया जा सकता। जब तक सामान्यीकरण की प्रक्रिया में कोई स्पष्ट अवैधता या मनमानापन साबित न हो, केवल मनचाहा परिणाम न मिलने के आधार पर अदालत द्वारा इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। इन टिप्पणियों के साथ माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने याचिका में कोई ठोस आधार न पाते हुए उसे पूरी तरह खारिज कर दिया।







ADVERTISEMENT
Share:

Bottom Ad [Post Page]

IMPORTANT NOTICE
⚠️ इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरों को पढ़ने के बाद कृपया संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि अवश्य करें। किसी भी त्रुटि के लिए वेबसाइट प्रशासन जिम्मेदार नहीं होगा।
Primary Ka Master, Primary Ka Master News, UP Basic Shiksha News, Basic Shiksha Khabar, UPTET News, Super TET News, Teacher News, Shikshamitra News, Basic Shiksha Parishad, UP Education News, Sarkari Result, Teacher Recruitment, UP Teacher Vacancy, CTET News, D.El.Ed News, TET News, UPPSC News, Government Jobs, Sarkari Naukri, Latest Education News, UP School News, Basic Education Department News
✕
Facebook WhatsApp Telegram Twitter Copy Share
WhatsApp Group Join