यूपी टीजीटी : हिंदी व अंग्रेजी विषय के लिए सबसे ज्यादा पद, टीईटी अनिवार्य
चार वर्ष बाद प्रदेश में शुरु हुई टीजीटी की भर्ती प्रक्रिया, संस्कृत विषय के 1,289 पद शामिल
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से जारी टीजीटी के विज्ञापन के अनुसार हिंदी के कुल 2,791 पद और अंग्रेजी के 2,517 पदों पर भर्ती परीक्षा होगी। इसी तरह विज्ञान के 2,493, सामाजिक विज्ञान के 2,482 और गणित के 2,349 सहायक अध्यापक पदों पर भर्ती के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। इसमें संस्कृत विषय के 1,289 पद भी शामिल हैं।
चार साल बाद शुरू हुई प्रक्रिया: प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में सहायक अध्यापक के लिए चार वर्ष बाद भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसके पहले वर्ष 2022 में भर्ती निकाली गई थी, लेकिन अभ्यर्थियों
की चयन प्रक्रिया इस वर्ष पूरी हुई है। अभी भी वर्ष 2022 के तमाम ऐसे चयनित अभ्यर्थी हैं, जिन्हें कॉलेज तो आवंटित हो चुका है, लेकिन उनके पद पर किसी अन्य
को नियुक्त कर दिया गया है और वे नियुक्ति के लिए आयोग तथा शिक्षा निदेशालय के चक्कर लगा रहे हैं।
ये कर सकेंगे आवेदन : आवेदन के लिए बीएड और संबंधित विषय में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक या न्यूनतम 45 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर होना अनिवार्य किया गया है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि अभ्यर्थियों को 30 जून 2027 तक निर्धारित कक्षा 6 से 8 के लिए आयोजित अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।
छात्रों के आंदोलन के चलते भर्ती प्रक्रिया में देरी
छात्र टीजीटी और पीजीटी भर्ती को पुरानी नियमावली से कराए जाने की मांग कर रहे थे। इसके लिए प्रतियोगियों ने आंदोलन भी किया था। चार छात्र-छात्राओं ने शिक्षा निदेशालय, प्रयागराज में 19 दिनों तक अनशन किया था। मुख्यमंत्री की ओर से एक मौका दिए जाने का आश्वासन मिलने के बाद छात्रों ने अनशन समाप्त किया था। दो दिन पहले ही शासन स्तर पर स्पष्ट किया गया है कि टीईटी के लिए छात्रों को 30 जून 2027 तक मौका दिया जाएगा और भर्ती प्रक्रिया नई व संशोधित नियमावली से कराई जाएगी। इसके बाद प्रतियोगी छात्र एक बार फिर आंदोलन की राह पर निकल पड़े हैं। प्रतियोगी छात्र नेता आशुतोष पांडेय की ओर से सोमवार को शिक्षा निदेशालय के घेराव की चेतावनी दी गई है
