सीएम योगी ने मानदेय भी बढ़ाने का किया ऐलान, ग्राम प्रहरियों को पांच लाख का मुफ्त इलाज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेश के 68 हजार ग्राम प्रहरियों और उनके परिजनों को पांच लाख रुपये तक का सालाना कैशलेस इलाज की सौगात दी। ग्राम प्रहरियों के मानदेय में भी एक हजार रुपये प्रति माह वृद्धि का ऐलान किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंच से 11 ग्राम प्रहरियों को सम्मानित भी किया। सीएम ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में उत्सवों पर उपद्रव होता था। अब अपराध करते ही अपराधियों को अगले चौराहे पर यमराज मिल जाते हैं। मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को ग्राम प्रहरियों के रिक्त पदों पर स्थानीय स्तर से नियुक्तियां करने के निर्देश भी दिए।
बरेली के रिजर्व पुलिस लाइन में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद यूपी में बदलाव हुआ है। हमने एक टीम के रूप में काम किया है। पुलिस के लिए सुविधाओं में इजाफा किया गया तो उसका लाभ होमगार्ड, पीआरडी से लेकर ग्राम प्रहरियों तक पहुंचाया गया। वर्ष 2017 से पहले तक ग्राम प्रहरी के बारे में किसी भी सरकार ने नहीं सोचा। उस समय तक ग्राम प्रहरियों को 1500 रुपये मानदेय मिलता था। हम लोगों ने वर्ष 2019 में उसे बढ़ाकर 2500 रुपया किया और अब मानदेय में एकमुश्त 40 प्रतिशत की वृद्धि कर इसे बढ़ाकर 3500 रुपये प्रतिमाह कर दिया है।
प्रत्येक ग्राम प्रहरी को सालाना 12 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। इसके साथ ही उन्हें और उनके परिजनों को पांच लाख रुपये तक के सालाना कैशलेस इलाज की भी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में पर्व-त्योहार आते ही उपद्रव शुरू हो जाते थे। मुट्ठी भर अराजक तत्वों की करतूतों का खामियाजा 25 करोड़ प्रदेशवासियों को भुगतना पड़ता था। दूसरे राज्यों में यूपी के लोगों को अपनी पहचान छिपानी पड़ती थी। अब स्थिति बदल चुकी है। जो लोग पहले सौ कदम दूर रहते थे, आज यूपी का नाम सुनकर गले मिलने आते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा सरकार ने प्रदेश के प्रति देश-दुनिया की धारणा बदल दी है।
