हर विद्यालय में हो प्रधानाध्यापक का पद अनावश्यक कार्य से मुक्त हो शिक्षक
उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ की प्रांतीय कोर कमेटी की बैठक
संघ ने की बीईओ पद पर पदोन्नति देने, प्रोन्नत वेतनमान की मांग
लखनऊ। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ ने हर विद्यालय में प्रधानध्यापक का पद अनिवार्य रूप में सृजित करने, हर कक्षा में न्यूनतम एक शिक्षक देने की मांग की है। ताकि बच्चों का शिक्षण कार्य और बेहतर हो सके।
संघ की प्रांतीय कोर कमेटी की दारुलशफा लखनऊ में हुई बैठक में शिक्षकों ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षक को शिक्षण कार्य के अलावा समय-समय पर कई अन्य कार्य करने पड़ रहे हैं। इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है।
सरकार को शिक्षण से अलग कार्यों के लिए हर विद्यालय में मानदेय पर कंप्यूटर ऑपरेटर, चौकीदार, सफाईकर्मी आदि की नियुक्ति की जाए।
पदाधिकारियों ने कहा की परिषदीय शिक्षकों को कुल पात्र शिक्षकों की 20% सीमा तक ही प्रोन्नति वेतनमान देय है। जो अन्य शिक्षकों के साथ अन्याय है। इसलिए परिपदीय शिक्षकों को शत प्रतिशत प्रोन्नत वेतनमान का लाभ देना चाहिए।
उन्होंने शिक्षकों की खण्ड शिक्षा अधिकारी के पदों पर पदोन्नति करने, राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को तीन वर्ष सेवा विस्तार देने, राज्य पुरस्कार के लिए न्यूनतम सेवा 5 साल करने, शिक्षामित्रों को नई नियमावली बनाकर स्थाई करने, तबादले करने आदि की भी मांग उठाई।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव, प्रदेश महामंत्री संदीप दत्त, रश्मिकांत द्विवेदी, जमशेद शरीफ, प्रदीप जायसवाल, सुधोषकर यादव, महिला मोर्चा अध्यक्ष रिंकी सिंह, रामध्यान यादव, अजित सिंह, विनय सिंह, अरविन्द यादव आदि उपस्थित थे।
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