कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों के वेतन भुगतान को लेकर बड़ा निर्देश, बीएसए करेंगे अभिलेखों की जांच
इटावा। कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों के वेतन संबंधी मामलों में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उच्च न्यायालय के आदेश एवं शासनादेश के अनुपालन में इटावा के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को संबंधित याचिकाकर्ताओं के अभिलेखों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जारी पत्र के अनुसार, यदि किसी विद्यालय में बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा किसी सहायक अध्यापक को प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य करने के लिए अधिकृत किया गया है और संबंधित शिक्षक सहायक अध्यापक प्रधानाध्यापक के वेतन का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन करता है, तो बीएसए द्वारा यह सत्यापित किया जाएगा कि संबंधित शिक्षक को सहायक अध्यापक के रूप में पांच वर्ष का अनुभव है तथा वह वास्तव में विद्यालय में प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य कर रहा है।
अभिलेखों की जांच में पात्रता सही पाए जाने पर संबंधित शिक्षक को बकाया वेतन का भुगतान किया जाएगा। हालांकि, बकाया राशि का भुगतान रिट याचिका दाखिल करने की तिथि से अधिकतम तीन वर्ष पूर्व तक की अवधि के लिए ही देय होगा।
उच्च न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया है कि विद्यालयों में जहां तक संभव हो, केवल वरिष्ठ सहायक अध्यापकों को ही प्रधानाध्यापक के रूप में कार्यवाहक जिम्मेदारी दी जाए, ताकि कनिष्ठ सहायक अध्यापकों के कार्यवाहक प्रधानाध्यापक के रूप में कार्य करने से उत्पन्न स्थिति से बचा जा सके।
बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि संबंधित याचिकाकर्ताओं के अभिलेखों का भली-भांति परीक्षण कर निर्धारित प्रारूप पर संस्तुति सहित रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। यह पूरी प्रक्रिया दो माह के भीतर पूरी किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

