नॉर्मलाइजेशन में अंकों के बदलाव पर यूपीटीईटी अभ्यर्थियों को राहत नहीं, नाम में त्रुटि है तो संशोधन का मिलेगा मौका
प्रयागराज। उप्र. शिक्षा सेवा चयन आयोग ने उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी-2026) के परिणाम से असंतुष्ट एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों के प्रत्यावेदनों पर अहम निर्णय लिया है। आयोग ने नॉर्मलाइजेशन (मानकीकरण) और ओएमआर शीट में हुई त्रुटियों से संबंधित मांगों को अस्वीकार कर दिया है। हालांकि, सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों में नाम या अन्य विवरणों की गलतियों को सुधारने का अवसर दिया जाएगा।
आयोग ने प्रत्यावेदनों की जांच के लिए छह सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट आयोग के अध्यक्ष को सौंप दी है। उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया
अनुक्रमांक या प्रश्न पुस्तिका क्रमांक के गोले गलत भरने के मामले में आए प्रत्यावेदनों पर भी नहीं होगा विचार
नाम में त्रुटि है तो संशोधन का मिलेगा मौका
आयोग ने सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र में नाम, पिता/पति का नाम, जन्मतिथि या वर्ग/श्रेणी में हुई त्रुटियों से संबंधित प्रत्यावेदनों पर राहत दी है। ऐसे अभ्यर्थियों से प्रमाण पत्र में संशोधन के लिए आयोग के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। संबंधित अभ्यर्थी निर्धारित प्रक्रिया के तहत खुद ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
कि समिति की आख्या पर विचार करते हुए यह निर्णय लिया गया है।
आयोग की ओर से कहा गया कि परीक्षा से पूर्व विज्ञापन में यह स्पष्ट किया गया था कि यदि परीक्षा एक से अधिक दिनों या पालियों में आयोजित होती है तो अभ्यर्थियों के तुलनात्मक मूल्यांकन के लिए नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया लागू की जाएगी।
आयोग ने स्पष्ट किया कि परीक्षा
के पूर्व जारी विज्ञापन, प्रवेश-पत्र, ओएमआर उत्तर पत्रक व कक्ष निरीक्षकों के माध्यम से अभ्यर्थियों को ओएमआर भरने और चिह्नित करने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई थी। यह भी कहा गया था कि ओएमआर उत्तर पत्रक में अनुक्रमांक या प्रश्न पुस्तिका क्रमांक नहीं भरने या गलत भरने की स्थिति में ओएमआर का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।
