हाईकोर्ट ने उम्रकैद पाए शिक्षक के वेतन भुगतान के मामले में रिपोर्ट संग डीआईओएस को किया तलब
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने बलिया के सिकंदरपुर स्थित श्री व्यंतानंद संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक के वेतन भुगतान मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को जांच कर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
मामला 10 उम्रकैद की सजा पाए
यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकल पीठ ने विद्यालय प्रबंधन की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत
नियुक्ति से वेतन भुगतान तक देनी होगी विस्तृत जांच रिपोर्ट
पर रिहा होने मात्र से दोषसिद्धि समाप्त नहीं होती। डीआईओएस को यह जांचना होगा कि संबंधित शिक्षक को वेतन पाने का कानूनी अधिकार है या नहीं। मामला सहायक अध्यापक सुधाकर शुक्ला से जुड़ा है। उन्हें हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले में 15 जुलाई 2015 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। उनकी आपराधिक अपील हाईकोर्ट में
लंबित है। करीब 13 साल की वास्तविक और छूट समेत 14 साल की सजा काटने के बाद हाईकोर्ट ने 29 जुलाई 2024 को उन्हें जमानत पर रिहा किया था। हालांकि, जमानत देते समय उनकी दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगाई गई थी। विद्यालय प्रबंधन ने 14 मार्च 2026 के डीआईओएस के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसके तहत सुधाकर समेत अन्य कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए वेतन खाते के एकल संचालन की अनुमति दी गई थी।
