बीएलओ के सुझाव पूरे देश में लागू होंगे : ज्ञानेश कुमार
लखनऊ। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) के अच्छे सुझावों को पूरे देश में लागू किया जाएगा। चुनाव आयोग के एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म ईसीआईनेट एप पर उनके सुझावों के लिए अलग से कॉलम बनाया जाएगा। ये सुझाव जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम) के माध्यम से अग्रसारित करवाना जरूरी होगा।
उन्होंने बीएलओ का आह्वान किया कि किसी भी हालत में पात्र महिलाओं और युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ें।
अपने लखनऊ दौरे के दूसरे और अंतिम दिन मंगलवार को उन्होंने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 20 जिलों से आए 500 बीएलओ व 30 बीएलओ पर्यवेक्षकों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि यूपी में यह बात सामने आई है कि विवाह होने के बाद महिलाओं के ससुराल वाले पोलिंग बूथ की सूची में नाम नहीं जुड़ पाए हैं। मायके वाले बूथ से नाम कट गए। ऐसे में सभी पात्र महिलाओं के ससुराल वाले स्थान की मतदाता सूची में नाम अवश्य जोड़ें। 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे सभी युवाओं के नाम मतदाता सूची में जरूर जोड़े जाएं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बीएलओ से संवाद में महिलाओं व युवाओं को सूची में शामिल करने पर दिया जोर
उन्होंने कहा कि बीएलओ शुद्ध डाटा दें और चुनाव आयोग तकनीकी की मदद से मतदाता सूची में शामिल डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम बाहर करेगा। बीएलओ कोशिश करें कि मतदाता फॉर्म भरवाते समय आधार कार्ड, नवीनतम फोटो व मोबाइल नंबर जरूर दर्ज कराएं। लोगों को लोक प्रतिनिधित्व कानून 1950 के बारे में जागरूक करें कि दो-दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होने से एक वर्ष की जेल भी हो सकती है। कार्यक्रम में वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग, डीजी मीडिया आशीष गोयल व यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा भी मौजूद रहे।
एआई को लेकर जल्दबाजी में नहीं : यह भी सुझाव आया कि एआई का प्रयोग मतदाता सूची व चुनाव कार्यों में किया जाए। ज्ञानेश ने कहा कि चुनाव आयोग एआई के प्रयोग को लेकर जल्दबाजी में नहीं है। चुनाव तकनीक के आधीन नहीं हो सकता।
बीएलओ बने संविदा कर्मियों ने मांगा बीमा लाभ
सीईसी ने मतदाता सूची पुनरीक्षण या चुनाव के काम में लगे संविदा कर्मियों के साथ को हादसा होने पर उन्हें बीमा का लाभ दिए जाने की मांग पर भी विचार करने का आश्वासन दिया। ग्रामीण क्षेत्रों के बीएलओ ने कहा कि गांव में इंटरनेट की कनेक्टिविटी से कई बार ऑनलाइन सूची बनाने में दिक्कतें आती हैं। ऐसे में उन्हें ऑफलाइन सूची बनाने का भी विकल्प मिले। जिस पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने विचार करने का आश्वासन दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने इस दौरान गंगोत्री दर्शन का संस्मरण भी सुनाया।
लखनऊ की बीएलओ दिपाली निगम ने कहा कि उनके यहां कई मतदाता ऐसे हैं जो चलने-फिरने में सक्षम नहीं हैं लेकिन वोट डालना चाहते हैं। चुनाव आयोग सिर्फ 85 साल के ऊपर के बुजुर्गों को ही घर पर वोट डालने की सुविधा दे रहा है। उनके सवाल का जवाब यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने दिया उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के लिए कोई उम्र सीमा नहीं है। वह फॉर्म 12-डी भरकर घर पर वोट डालने की सुविधा ले सकते हैं।
