विशेष टीईटी के कठिन पेपर ने छुड़ाए शिक्षकों के पसीने, शिक्षक संगठनों ने और अंग्रेजी के सवालों ने परीक्षा की समीक्षा कराने की उठाई मांग
लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में वर्ष 2010 और उससे पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए मंगलवार को आयोजित विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का प्रश्नपत्र कठिन रहा। गणित, पर्यावरण, बाल मनोविज्ञान परीक्षार्थियों को खासा उलझाया। परीक्षा में शामिल शिक्षकों ने प्रश्नपत्र के स्तर को लेकर असंतोष जताया। वहीं, शिक्षक संगठनों ने शासन से परीक्षा की समीक्षा कराने की मांग की है। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष तिवारी ने कहा कि विशेष टीईटी के प्रश्नपत्र की शासन स्तर पर समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्य विभागीय परीक्षाओं में कर्मचारियों की सेवा अवधि और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर प्रश्नपत्र तैयार किए जाते हैं। विशेष टीईटी में भी इसी तरह का दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए था। एसोसिएशन के महासचिव दिलीप चौहान ने कहा कि शिक्षक परीक्षा देने से पीछे नहीं हट रहे हैं, लेकिन परीक्षा के नाम पर उनके भविष्य और सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों की परिस्थितियों के अनुरूप परीक्षा का स्तर निर्धारित किया जाना चाहिए। चौहान के मुताबिक, परीक्षा में 50 से 55 वर्ष की आयु के शिक्षक भी शामिल हुए थे। ऐसे में सवालों का कठिन और उलझाऊ होना चिंता का विषय है। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि सामान्य टीईटी की तरह इस परीक्षा में भी करीब 80 प्रतिशत शिक्षक सफल होंगे। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी आयोजित की गई। इसके लिए में 1.06 लाख शिक्षकों ने आवेदन किया था।
पुरानी पेंशन के लिए दिल्ली में 12 दिसंबर को रैली
लखनऊ। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि केंद्र सरकार पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के साथ छेड़छाड़ की तैयारी कर रही है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके विरोध में 12 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में राष्ट्रीय आक्रोश रैली होगी। प्रेरणा सदन में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है, कोई खैरात नहीं। उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने कहा कि डीए और दीपावली बोनस नहीं मिलने से कर्मचारियों में नाराजगी है। प्रदेश से 10 हजार से अधिक कर्मचारी रैली में शामिल होंगे। इस मौके पर महासंघ के महामंत्री अशोक सिंह भी मौजूद रहे।
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