TET अनिवार्यता पर शिक्षा मंत्रालय का बड़ा अपडेट, RTI की दोनों अपीलें निस्तारित; 31 अगस्त 2028 तक की समय-सीमा का उल्लेख
2026: शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता और पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर इसके लागू होने से संबंधित जानकारी के मामले में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने 21 अक्टूबर 2026 को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। यह आदेश बाल बीर सिंह द्वारा दायर RTI आवेदन और उनसे संबंधित दो प्रथम अपीलों के निस्तारण से जुड़ा है।
जारी आदेश में NCTE की अधिसूचनाओं, TET की न्यूनतम योग्यता के रूप में अनिवार्यता, पूर्व में नियुक्त शिक्षकों से संबंधित विभागीय रिकॉर्ड तथा सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 और 29 मई 2026 के निर्णयों का उल्लेख किया गया है।
RTI की दोनों प्रथम अपीलों का निस्तारण
शिक्षा मंत्रालय के आदेश के अनुसार, बाल बीर सिंह ने RTI आवेदन संख्या DOSEL/R/E/26/04631 तथा DOSEL/R/T/26/01174 के संबंध में 22 सितंबर 2026 को दो प्रथम अपीलें दायर की थीं। इन अपीलों को क्रमशः DOSEL/A/E/26/00330 और DOSEL/A/E/26/00329 के अंतर्गत पंजीकृत किया गया।
अपीलकर्ता ने TET की अनिवार्यता, विशेष रूप से TET लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर इसके प्रभाव, वैधानिक प्रावधानों, छूट, संक्रमणकालीन व्यवस्था, सेवा में बने रहने और पदोन्नति से जुड़े रिकॉर्ड तथा सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी मांगी थी।
शिक्षा मंत्रालय की संयुक्त सचिव एवं प्रथम अपीलीय प्राधिकारी प्राची पांडेय ने 21 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में दोनों प्रथम अपीलों का निस्तारण कर दिया।
NCTE की अधिसूचनाओं के संबंध में क्या कहा गया?
आदेश में बताया गया है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना के माध्यम से कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यताएं निर्धारित की थीं। इसमें संबंधित सरकार द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करना भी शामिल था।
इसके बाद 29 जुलाई 2011 को अधिसूचना में संशोधन किया गया। आदेश के अनुसार, संबंधित अधिसूचनाओं और 11 फरवरी 2011 की TET दिशानिर्देशों की प्रतियां पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी थीं।
पहले से नियुक्त शिक्षकों के संबंध में महत्वपूर्ण तथ्य
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नियुक्ति, सेवा में बने रहने, पदोन्नति, सेवा समाप्ति और अनिवार्य सेवानिवृत्ति जैसे विषय संबंधित राज्य सरकारों, केंद्रशासित प्रदेशों, प्रशासनिक संस्थाओं अथवा बोर्डों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
इसलिए ऐसे मामलों में आवश्यक जानकारी संबंधित प्राधिकरणों से प्राप्त की जा सकती है।
साथ ही, 23 अगस्त 2010 की NCTE अधिसूचना से पहले नियुक्त शिक्षकों पर TET लागू होने की स्थिति से संबंधित कोई विभागीय नोट, कानूनी राय, हलफनामा या लिखित पक्ष शिक्षा मंत्रालय के संबंधित विभाग द्वारा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया था। आदेश में कहा गया है कि ऐसे रिकॉर्ड विभाग के पास उपलब्ध नहीं हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय और 31 अगस्त 2028 की समय-सीमा
शिक्षा मंत्रालय के आदेश के बिंदु संख्या 12 में सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 और 29 मई 2026 के निर्णयों का उल्लेख है।
आदेश के अनुसार, 1 सितंबर 2025 के निर्णय में TET की आवश्यकता की पुष्टि की गई थी। इसके बाद 29 मई 2026 के निर्णय में TET उत्तीर्ण करने की समय-सीमा को 31 अगस्त 2028 तक बढ़ाए जाने का उल्लेख किया गया है।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि उक्त निर्णयों के बाद उसके संबंधित प्रभाग द्वारा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्णयों के क्रियान्वयन के संबंध में कोई अन्य परिपत्र, निर्देश, सलाह या पत्राचार जारी नहीं किया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि इस प्रभाग द्वारा निर्णयों के बाद समीक्षा, स्पष्टीकरण, संशोधन अथवा अन्य न्यायिक उपाय पर विचार नहीं किया गया।
RTE अधिनियम के तहत छूट की जानकारी कहां से मिलेगी?
आदेश के बिंदु संख्या 10 में कहा गया है कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act) की धारा 23(2) के अंतर्गत छूट, विशेष व्यवस्था या समय-सीमा के संबंध में मांगी गई जानकारी संबंधित अनुभाग के रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है।
इसके लिए शिक्षा मंत्रालय के SS-3 अनुभाग (SS-2 ब्यूरो, DoSE&L) से जानकारी प्राप्त करने का उल्लेख किया गया है।
अब आगे क्या विकल्प है?
प्रथम अपीलीय प्राधिकारी ने दोनों अपीलों का निस्तारण करते हुए कहा है कि यदि अपीलकर्ता आदेश से संतुष्ट नहीं है, तो वह सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 19(3) के तहत केंद्रीय सूचना आयोग (CIC), नई दिल्ली के समक्ष द्वितीय अपील दायर कर सकता है।
शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण बात: यह आदेश RTI की दो प्रथम अपीलों के निस्तारण से संबंधित है। इसे TET से छूट देने, सभी पुराने नियुक्त शिक्षकों को स्वतः राहत देने अथवा सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को बदलने वाला आदेश नहीं माना जाना चाहिए। शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता का वास्तविक प्रभाव संबंधित न्यायिक निर्णयों, लागू नियमों और संबंधित शिक्षक की सेवा-स्थिति के आधार पर समझा जाना चाहिए।
आदेश का विवरण
जारी करने वाला विभाग: शिक्षा मंत्रालय, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार
आदेश संख्या: F. No. 8-2/2025-IS.20
आदेश दिनांक: 21 अक्टूबर 2026
प्रथम अपीलीय प्राधिकारी: प्राची पांडेय, संयुक्त सचिव एवं प्रथम अपीलीय प्राधिकारी
संबंधित कानून: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005
द्वितीय अपील का प्रावधान: धारा 19(3)


