पांच साल की सेवा वाले याची शिक्षकों को ही मिलेगा प्रधानाध्यापक का वेतन
हाईकोर्ट के आदेश पर विभाग ने जारी किए दिशानिर्देश
लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में पांच साल की सेवा पूरी करने वाले याची शिक्षकों को ही प्रधानाध्यापक पद का वेतन मिलेगा। प्रधानाध्यापक के खाली पद पर कार्य कर रहे इन कार्यवाहक प्रधानाध्यापकों के लिए हाईकोर्ट के आदेश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी बीएसए को निर्देश दिए हैं कि वह संशोधित आदेश के अनुसार तथ्यात्मक जांच करें कि याचिकाकर्ता शिक्षक के पास न्यूनतम पांच साल का अनुभव है। वो वास्तव में प्रधानाध्यापक के पद पर
कार्य कर रहे हैं या नहीं? यदि जांच में बीएसए यह पाते हैं कि वे इन दोनों शर्तों को पूरा कर रहे हैं तो उन्हें प्रधानाध्यापक का वेतन दिया जाए। बता दें, परिषदीय स्कूलों में 2016 के बाद पदोन्नति नहीं हुई है। ऐसे में बड़ी संख्या में प्रधानाध्यापक के पद खाली हैं। प्रधानाध्यापक के खाली पद पर वरिष्ठ शिक्षकों को कार्यवाहक प्रधानाध्यापक बनाया गया है। कार्यवाहक प्रधानाध्यापक पद पर कार्य कर रहे शिक्षकों ने समान पद समान वेतन की मांग की थी
