महीनों की कोर्ट-कचहरी के बाद इतना ही समायोजन! 😜 अब विद्यालय में छात्र संख्या बनाए रखने की जिम्मेदारी कनिष्ठों की नहीं, वरिष्ठों की भी है!
बस इत्तू सा ही समायोजन हुआ, इसमें एकल विद्यालयों को संतृप्त किया गया वो भी ब्लॉक से ब्लॉक में ही… इतने में ही महीनों से कोर्ट-कचहरी सब कुछ हो गया। 😄
प्रक्रिया का निष्कर्ष ये निकला कि भविष्य में किसी विद्यालय में यदि छात्र संख्या कम हुई तो जो सबसे पहले आया होगा वही जायेगा।
(FIRST IN FIRST OUT) ✅
* छात्र संख्या बनाए रखने की जिम्मेदारी अब कनिष्ठ की बजाय बड़े-बुजुर्गों (वरिष्ठ) की है। 😜