मोबाइल ठीक न होने पर नया फोन या कीमत देने का आदेश
प्रयागराज, । वारंटी अवधि में मोबाइल फोन खराब होने के बाद बार-बार सर्विस सेंटर का चक्कर लगाने के बावजूद समस्या दूर नहीं हुई तो उपभोक्ता को राहत मिल सकती है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने ऐसे ही एक मामले में मोबाइल कंपनी को ग्राहक को नया मोबाइल देने या पुराने मोबाइल की कीमत ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। आयोग ने कंपनी पर पांच हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और दो हजार रुपये मुकदमा खर्च देने की जिम्मेदारी भी तय की है। आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहिम और सदस्य प्रकाश चन्द्र त्रिपाठी की पीठ ने यह आदेश पारित किया।
मामले में राजापुर, प्रयागराज निवासी मोहम्मद कामिल ने मोबाइल खराब होने और वारंटी के दौरान समस्या दूर नहीं किए जाने को लेकर परिवाद दाखिल किया था। आयोग ने कंपनी को निर्णय की तारीख से दो महीने के भीतर ग्राहक को समान कीमत यानी 19,200 रुपये का नया मोबाइल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। निर्धारित अवधि में नया मोबाइल नहीं देने की स्थिति में कंपनी को 19,200 रुपये पर परिवाद दाखिल करने की तारीख से अंतिम भुगतान तक आठ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देना होगा। इसके अतिरिक्त कंपनी को ग्राहक को पांच हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और दो हजार रुपये मुकदमा खर्च के रूप में अदा करने होंगे।
आयोग के समक्ष मोबाइल की खरीद रसीद, सर्विस सेंटर के रिकॉर्ड, वारंटी संबंधी दस्तावेज और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। सर्विस रिकॉर्ड में मोबाइल के खराब होने तथा 24 दिसंबर 2021 को मरम्मत के लिए वापस किए जाने से संबंधित विवरण दर्ज था। रिकॉर्ड में मोबाइल का चालू नहीं होना भी उल्लेखित था।आयोग ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के तर्कों का परीक्षण किया।
आदेश में कहा गया कि वारंटी अवधि के दौरान सामने आई खराबी के संबंध में कंपनी की जिम्मेदारी बनती है।
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