स्मार्ट स्कूल से पहले बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करे प्रदेश सरकार : मायावती
लखनऊ। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने प्रदेश सरकार की करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से 14,500 स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाने की घोषणा पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि स्मार्ट पढ़ाई से पहले स्कूलों में छत, बेंच-कुर्सी, किताबें, शौचालय, खेल मैदान और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से यह भी विचार करने को कहा कि प्रति स्कूल करीब दो लाख रुपये में ये व्यवस्थाएं कितनी संभव हैं।
मायावती ने स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत सहारनपुर, अंबेडकरनगर, कन्नौज और जालौन में बनाए गए मेडिकल कॉलेजों में एससी वर्ग के लिए अतिरिक्त आरक्षण के मामले में यूपी सरकार से सुप्रीम कोर्ट जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था 50 प्रतिशत के सामान्य आरक्षण से अलग है और स्पेशल कंपोनेंट प्लान की उपयोगिता को दर्शाती है। हाईकोर्ट की रोक से मेडिकल दाखिले प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए सरकार को
मेडिकल कॉलेजों में एससी आरक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने की मांग
सुप्रीमो आगामी 23 सितंबर को राजधानी में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित कर सकती हैं। बीते दिनों पार्टी में हुए घटनाक्रम के बाद इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बसपा सुप्रीमो पार्टी में किए गए फेरबदल और अपने कड़े फैसलों के बारे में जानकारी देने के साथ चुनाव की तैयारियों के संबंध में दिशा-निर्देश दे सकती हैं।
तत्काल सुप्रीम कोर्ट में अपेक्षित राहत के लिए अपील करनी चाहिए।
यूपीआई शुल्क पर भी केंद्र को घेरा : मायावती ने यूपीआई लेनदेन पर शुल्क वसूली को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले यूपीआई को बढ़ावा देने के बाद शुल्क लगाने की व्यवस्था लोगों को मुनाफाखोरी का पूंजीवादी रवैया प्रतीत होती है। जनता पर बढ़ते कर और आर्थिक बोझ से आक्रोश है। उन्होंने कहा कि गरीबी, महंगाई, अशिक्षा और बेरोजगारी से जूझ रही जनता के लिए सरकार की नीतियां लाभ कमाने के बजाय अधिक कल्याणकारी होनी चाहिए।
