11508 शिक्षक भर्ती में शिक्षामित्रों के भारांक पर आज बड़ा फैसला संभव, चयन आयोग की बैठक पर टिकी नजरें
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में चल रही 11,508 सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षामित्रों को भारांक दिए जाने का मुद्दा अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश की जानकारी दिए जाने के बाद आयोग ने इस मामले में चार सदस्यीय समिति गठित की है। अब 22 सितंबर 2026 को होने वाली आयोग की बैठक में समिति की रिपोर्ट और शिक्षामित्रों के भारांक के मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है।
क्या है पूरा मामला?
नगर क्षेत्र के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 11,508 सहायक अध्यापक पदों पर भर्ती के लिए चयन आयोग ने 15 सितंबर 2026 को विज्ञापन जारी किया था। भर्ती विज्ञापन में शिक्षामित्रों को आवेदन के लिए पात्र माना गया है, लेकिन अनुभव के आधार पर भारांक दिए जाने का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया। इसी को लेकर शिक्षामित्रों की ओर से सवाल उठाए गए।
मामला सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी ने चयन आयोग के सचिव मनोज कुमार को पत्र भेजकर 18 नवंबर 2020 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी दी। इस आदेश में शिक्षामित्रों को आगामी शिक्षक भर्ती की चयन प्रक्रिया में एक और अवसर दिए जाने की बात कही गई थी।
चार सदस्यीय समिति की रिपोर्ट पर होगी चर्चा
बेसिक शिक्षा विभाग का पत्र मिलने के बाद चयन आयोग ने इस मामले के अध्ययन के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार समिति की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षामित्रों को भारांक देने के संबंध में निर्णय पर विचार किया जा सकता है।
आज की आयोग बैठक इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि शिक्षामित्रों के भारांक के साथ-साथ भर्ती विज्ञापन में सामने आए अन्य नियमों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की संभावना है।
अधियाचन भेजते समय नहीं दी गई थी आदेश की जानकारी
रिपोर्ट के मुताबिक 11,508 पदों पर चयन के लिए बेसिक शिक्षा निदेशक की ओर से 17 मई 2026 को चयन आयोग को अधियाचन भेजा गया था। इसके करीब चार महीने बाद 15 सितंबर को भर्ती विज्ञापन जारी हुआ। आरोप यह है कि अधियाचन भेजते समय ही संबंधित सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी आयोग को नहीं दी गई थी। विज्ञापन जारी होने के बाद यह मुद्दा सामने आने पर विभाग की ओर से आयोग को पत्र भेजा गया।
पहले की भर्तियों में मिला था भारांक
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 68500 और 69000 सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षामित्रों को उनके अनुभव के आधार पर भारांक दिया गया था। अब 11,508 भर्ती में भी इसी तरह के लाभ की मांग उठ रही है। हालांकि, इस भर्ती में भारांक मिलेगा या नहीं, इसका अंतिम निर्णय आयोग/संबंधित शासन स्तर के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।
आज क्या हो सकता है फैसला?
22 सितंबर की बैठक को लेकर शिक्षामित्रों और अभ्यर्थियों की नजरें चयन आयोग पर हैं। बैठक में मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है—
शिक्षामित्रों को भारांक दिया जाएगा या नहीं
सुप्रीम कोर्ट के 18 नवंबर 2020 के आदेश का भर्ती में किस प्रकार अनुपालन होगा
चार सदस्यीय समिति की रिपोर्ट पर आयोग का रुख
भर्ती विज्ञापन में आवश्यक संशोधन की जरूरत
भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की स्थिति
फिलहाल भारांक दिए जाने को लेकर कोई अंतिम आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है। इसलिए आज की बैठक के बाद जारी होने वाली आधिकारिक जानकारी को ही अंतिम माना जाना चाहिए।
🔴 शिक्षामित्रों के लिए आज का दिन अहम
11,508 सहायक अध्यापक भर्ती में भारांक का मुद्दा अब सीधे चयन आयोग के सामने है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी भेजे जाने और चार सदस्यीय समिति गठित होने के बाद आज की बैठक में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। बैठक के बाद आयोग की ओर से जो निर्णय या निर्देश जारी होंगे, उसी से यह स्पष्ट होगा कि शिक्षामित्रों को इस भर्ती में अनुभव आधारित भारांक का लाभ मिलेगा या नहीं।
नोट: ऊपर दी गई जानकारी 22 सितंबर 2026 की उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और आपके द्वारा साझा किए गए समाचार-पत्र की सामग्री पर आधारित है। अंतिम स्थिति के लिए चयन आयोग/बेसिक शिक्षा विभाग की आधिकारिक सूचना महत्वपूर्ण होगी।
