पढ़ाई की जगह बच्चों से ईंट ढुलवाने का आरोप, प्रधानाध्यापिका पर उठे सवाल
अनिल कुमार लोकल न्यूज आफ इंडिया
सोनभद्र। ग्राम पुरना स्थित प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से पढ़ाई कराने के बजाय कथित तौर पर विद्यालय के विभिन्न कार्य कराए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मांडवी कुमारी द्वारा आए दिन बच्चों से कभी बाथरूम में पानी भरवाने तो कभी घास निकलवाने जैसे कार्य कराए जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, 27 अगस्त की सुबह बच्चों से ईंट ढुलवाने का काम कराया जा रहा था। बताया गया कि विद्यालय की बाउंड्री करीब दो महीने से टूटी हुई थी और ग्रामीणों द्वारा कई बार
उसे ठीक कराने की मांग की गई थी, क्योंकि टूटे हिस्से से बच्चों के आने-जाने पर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अब आरोप है कि बाउंड्री के कार्य के लिए बच्चों से ही ईंट ढुलवाई जा रही है।
मौके से गुजर रहे राम मूरत, आजाद समाज पार्टी के विधानसभा
सचिव, की नजर जब बच्चों से कराए जा रहे इस कार्य पर पड़ी तो उन्होंने भी मामले को गंभीर बताया।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जब प्रधानाध्यापिका से बच्चों से काम कराने को लेकर सवाल किया जाता है तो वह कथित तौर पर "जो करना है कर लो" जैसी बात कहकर धमकी देती हैं।
पढाई के लिए भेजे गए बच्चे, मजदूरी क्यों ?
विद्यालय में बच्चों को शिक्षा हासिल करने के लिए भेजा जाता है। ऐसे में यदि उनसे विद्यालय की सफाई, पानी भरने, घास निकालने या ईंट ढोने जैसे कार्य कराए जाने के आरोप सही हैं, तो यह शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
ग्रामीणों ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, विद्यालय का निरीक्षण करने और यदि आरोप सही पाए जाएं तो जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
