अब परिषदीय स्कूलों पर अधिकारियों की नजर
लखनऊ : परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने और आपरेशन कायाकल्प के तहत चल रहे कार्यों में तेजी लाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से नई व्यवस्था लागू की गई है। अब विकासखंड और नगर क्षेत्रवार जिलास्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाकर विद्यालयों के पठन-पाठन व अन्य व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी कराई जाएगी। इस पहल से स्कूलों की जवाबदेही तय होने और कमियों के जल्द दूर होने की उम्मीद है।
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) प्रफुल्ल कुमार शर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए 12 अधिकारियों को अलग-अलग विकासखंड और नगर क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है। ये अधिकारी संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे। पढ़ाई की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के साथ ही
ब्लाक और नगर क्षेत्रवार 12 नोडल अधिकारी किए गए नियुक्त
आपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों में उपलब्ध कराई जा रही है। बुनियादी सुविधाओं का भी जायजा लेंगे।
सीडीओ प्रफुल्ल शर्मा ने सभी नोडल अधिकारियों को निरीक्षण के बाद अपनी आख्या बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली समीक्षा बैठक में भी प्रगति रिपोर्ट के साथ शामिल होने को कहा गया है।
इनको सौंपी गई जिम्मेदारी चिनहट की जिम्मेदारी सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता वैशाली सिंह, बख्शी का तालाब की जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रेयस कुमार, माल की जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शशांक सिंह और मलिहाबाद की जिला कृषि
पठन-पाठन व आपरेशन कायाकल्प के कार्यों की करेंगे निगरानी
इसी तरह काकोरी के लिए सहायक अभियंता लघु सिंचाई राहुल कुमार, सरोजनीनगर के लिए जिला उद्यान अधिकारी धीरेन्द्र सिंह, मोहनलालगंज के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी आदर्श और गोसाईगंज के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पवन कुमार सिंह को नोडल अधिकारी बनाया गया है। नगर क्षेत्र में भी चार जोनवार अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। जोन-एक में जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधाकर शरण पांडेय, जोन-दो में जिला पूर्ति अधिकारी विजय प्रताप सिंह, जोन-तीन में जिला कृषि रक्षा अधिकारी महेश चंद्र और जोन-चार में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी प्रणय पांडेय निगरानी करेंगे।
