प्रधानाध्यापिका और रसोइया पर मुकदमा, गिरफ्तारी की संभावना
महमूदाबाद (सीतापुर): प्राथमिक विद्यालय छंगापुर में विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन (एमडीएम) में पानी वाली सब्जी और जली रोटी परोसने के मामले में प्रशासन ने कठोर कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के आदेश पर खंड शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापिका और रसोइया के खिलाफ विश्वासघात का मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें दस वर्ष के कारावास का प्रावधान है। इस मामले में दोनों की गिरफ्तारी भी संभव है। पुलिस ने साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सोमवार की शाम इस मामले का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद जिलाधिकारी डा. राजा गणपति आर. ने बीएसए डा. गोरखनाथ पटेल को जांच के आदेश दिए थे। बुधवार को बीएसए विद्यालय पहुंचे, जहां विद्यार्थियों और अभिभावकों ने एमडीएम में गड़बड़ी की शिकायत की। बयानों और स्थलीय साक्ष्यों के आधार पर एमडीएम की गुणवत्ता में अनियमितता और कन्वर्जन कास्ट के गबन की पुष्टि हुई। इसके परिणामस्वरूप, बीएसए ने प्रधानाध्यापिका कल्पना वर्मा को निलंबित और रसोइया अनीता को बर्खास्त कर दिया। खंड शिक्षा अधिकारी उदय मणि को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई, जबकि एमडीएम समन्वयक बृजमोहन सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
बुधवार शाम बीएसए ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी। जिलाधिकारी ने बीएसए से प्रधानाध्यापिका और रसोइया पर मुकदमा लिखने दर्ज कराने का निर्देश दिया। गुरुवार को खंड शिक्षा अधिकारी ने मुकदमा दर्ज कराया।
जिलाधिकारी के आदेश पर खंड शिक्षा अधिकारी ने लिखवाया मुकदमा
लिखा गया विश्वासघात का मुकदमा, दस वर्ष के कारावास का प्रावधान
