चंद्रग्रहण आज, भारत में नहीं दिखेगा साया, सूतक काल के नियम नहीं होंगे लागू, बहनें पूरे दिन बांध सकेंगी राखी
नैनीताल। वर्ष 2026 का आखिरी चंद्रग्रहण आज लगने जा रहा है। विशेष बात है कि इस बार चंद्रग्रहण के दिन ही भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है।
ज्योतिषियों और खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए त्योहार पर इसका नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। खगोलविदों के अनुसार चंद्रग्रहण केवल एक दृश्य नहीं है, बल्कि यह चंद्रमा के वायुमंडल और थर्मल व्यवहार के अध्ययन का बड़ा अवसर होता है। ग्रहण में जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है तो वहां के तापमान में गिरावट आती है। इस बदलाव से चंद्रमा पर मौजूद धूल व चट्टानों की प्रकृति को समझने में वैज्ञानिकों को मदद मिलती है। भारत में यह चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को सुबह 6:53 बजे
दिखेगा। खगोल विज्ञान में रुचि रखने यह ग्रहण मुख्य रूप से साउथ अमेरिकन रीजन में वाले लोगों व शोधकर्ताओं के लिए संस्थान व्यवस्था कर रहा है। -डॉ. वीरेंद्र यादव, केंद्र प्रभारी, एरीज
शुरू होकर दोपहर 12:31 बजे समाप्त होगा। चंद्रग्रहण भारत में अदृश्य है, इसलिए यहां सूतक काल के नियम लागू ने होंगे, बहनें पूरे दिन भाइयों को राखी बांध सकेंगी।

