UP शिक्षक अंतरजनपदीय तबादला: पति-पत्नी को साथ रहने की उम्मीद, हाईकोर्ट ने
नए प्रत्यावेदन पर दिया विचार का आदेश
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादले को लेकर चल रहा विवाद अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। पति-पत्नी के एक साथ रहने की मांग को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को नया प्रत्यावेदन लेकर एक माह के भीतर कानून के अनुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया है। हालांकि अदालत ने सीधे तबादले का आदेश नहीं दिया है।
उत्तर प्रदेश समाचार
पति-पत्नी दोनों शिक्षक होने पर ही मिल रहा था लाभ
वर्तमान शासनादेश के अनुसार यदि पति और पत्नी दोनों बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय शिक्षक हैं, तो उनमें से केवल एक का ही स्थानांतरण शिक्षक-छात्र अनुपात (PTR) वाले जिले में किया जा सकता है।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि यदि पति या पत्नी में से कोई दूसरे सरकारी विभाग में कार्यरत है, तो ऐसे मामलों में भी परिवार को साथ रहने का अवसर मिलना चाहिए और अंतरजनपदीय स्थानांतरण का लाभ दिया जाना चाहिए।
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
हाईकोर्ट ने माना कि बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षक भी सरकारी सेवक की श्रेणी में आते हैं। हालांकि अदालत ने सीधे स्थानांतरण का आदेश देने के बजाय याचिकाकर्ताओं को 10 दिन के भीतर प्रमुख सचिव/संबंधित अधिकारी के समक्ष नया प्रत्यावेदन प्रस्तुत करने की अनुमति दी।
साथ ही न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे एक माह के भीतर नियमों के अनुसार उस प्रत्यावेदन पर निर्णय लें।
डेढ़ दर्जन से अधिक याचिकाएं पहुंचीं हाईकोर्ट
रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेशभर से 68 हजार से अधिक शिक्षकों ने अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन किया है। इस मामले में इलाहाबाद और लखनऊ पीठ में अब तक लगभग डेढ़ दर्जन याचिकाएं दायर हो चुकी हैं।
इनमें केवल पति-पत्नी के स्थानांतरण का मुद्दा ही नहीं, बल्कि आवेदन की समय-सीमा बढ़ाने की मांग भी शामिल है।
PTR जारी होने से कई शिक्षक नहीं कर सके आवेदन
शिक्षकों का कहना है कि अंतरजनपदीय तबादले के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 20 जून थी, जबकि उसी दिन शिक्षक-छात्र अनुपात (PTR) भी जारी किया गया। समय पर जानकारी नहीं मिलने के कारण अनेक शिक्षक स्थानांतरण के लिए आवेदन ही नहीं कर सके।
शिक्षकों की नजर अब सरकार के फैसले पर
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब संबंधित विभाग को प्राप्त होने वाले प्रत्यावेदनों पर नियमानुसार निर्णय लेना होगा। ऐसे में अंतरजनपदीय तबादले का इंतजार कर रहे हजारों शिक्षकों की नजर अब शासन और शिक्षा विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई है।
