फार्मासिस्ट बनने के लिए देना होगा राष्ट्रीय एग्जिट टेस्ट, सरकार ला रही नया कानून
नई दिल्ली। फार्मासिस्ट बनने की प्रक्रिया में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार ने नेशनल फार्मेसी कमीशन (एनपीसी) बिल, 2026 का संशोधित मसौदा जारी कर दिया है। प्रस्तावित कानून के तहत 1948 के फार्मेसी एक्ट को खत्म कर उसकी जगह नेशनल फार्मेसी कमीशन बनाया जाएगा।
सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि फार्मेसी की पढ़ाई पूरी करने के बाद सीधे प्रैक्टिस नहीं की जा सकेगी।
सरकार ने संशोधित नेशनल फार्मेसी कमीशन बिल जारी किया, 31 जुलाई तक मांगे सुझाव
फार्मासिस्ट बनने के लिए राष्ट्रीय एग्जिट टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि पहले जारी मसौदे पर मिले सुझावों की समीक्षा कर संशोधित मसौदा तैयार किया गया है। अब इस पर 31 जुलाई तक लोगों से दोबारा सुझाव मांगे गए हैं। इसके
बाद अंतिम विधेयक तैयार होगा। अब तक फार्मेसी एक्ट, 1948 के तहत बी. फार्मा या डिप्लोमा इन फार्मेसी के बाद राज्य फार्मेसी परिषद में पंजीकरण कराकर फार्मासिस्ट के रूप में काम किया जा सकता था। हालांकि प्रस्तावित कानून लागू होने के बाद नेशनल एग्जिट टेस्ट (फार्मेसी) पास करने पर ही फार्मासिस्ट के रूप में पंजीकरण मिलेगा। यही परीक्षा पीजी फार्मेसी में दाखिले का आधार भी होगी।

