डीएलएड (ओडीएल) अभ्यर्थियों को टीईटी-2026 में शामिल होने की अंतरिम अनुमति
लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा (ओडीएल) से डीएलएड करने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी अंतरिम राहत दी है। इन अभ्यर्थियों को यूपी-टीईटी-2026 में अंतरिम रूप से शामिल होने की अनुमति मिली है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने दिया।
यह राहत उन अभ्यर्थियों को मिली है जिन्होंने 18 माह का डीएलएड (ओडीएल) पाठ्यक्रम पूरा किया
है। उन्हें 31 मार्च 2015 से पूर्व सेवा में कार्यरत होना अनिवार्य है। अदालत ने स्पष्ट किया कि परीक्षा परिणाम विशेष अपील के अंतिम निर्णय तक घोषित नहीं किया जाएगा। परिणाम न्यायालय के अगले आदेश के अधीन रहेगा। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज ने इस संबंध में विशेष अपील दायर की थी। आयोग ने अंतरिम आदेश को चुनौती दी थी।
खंडपीठ ने बताया कि अंतरिम राहत केवल उन्हीं
अभ्यर्थियों को मिलेगी जो 31 मार्च 2015 से पूर्व सेवा में थे। यदि कोई अभ्यर्थी उस तिथि से पूर्व सेवा में नहीं था, तो उसे नियुक्ति के वैधानिक प्रावधान बताने होंगे। 18 माह के डीएलएड (ओडीएल) की वैधता पर अंतिम निर्णय अभी विचाराधीन है। मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त 2026 को होगी। 2 जुलाई से शुरू हो रही टीईटी परीक्षा के मद्देनजर आयोग को तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
