UPTET NEWS: फर्जी टीईटी प्रमाणपत्र से पाई नौकरी, सत्यापन आख्या भी फर्जी
प्रयागराज प्राथमिक व उच्च प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए अनिवार्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण होने का फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर नौकरी पाने के बाद उसका सत्यापन भी फर्जी तरीके से स्वयं कर लेने का मामला सामने आया है। मथुरा के एक शिक्षक ने अपने फर्जी टीईटी प्रमाणपत्र का सत्यापन करने के लिए बीएसए की ओर से फर्जी पत्र बनाया, जो उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) कार्यालय पहुंचा ही नहीं। इसके विपरीत पीएनपी सचिव की ओर से फर्जी सत्यापन आख्या बीएसए कार्यालय पहुंच गई।
मथुरा के अभ्यर्थी के प्रमाणपत्र पर दर्ज अनुक्रमांक पीएनपी ने नहीं किया था जारी
सत्यापन आख्या की सत्यता परखने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी पीएनपी कार्यालय आए तो अधिकारी फर्जी सत्यापन आख्या देखकर हैरान हो गए। अब सही सत्यापन आख्या पीएनपी की ओर से भेजी जा रही है कि टीईटी प्रमाणपत्र तो फर्जी है ही, सत्यापन आख्या भी फर्जी बनाई गई है।
टीईटी का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी पाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। सीतापुर के बीएसए की ओर से साल भर में
न तो पीएनपी के प्रारूप पर थी सत्यापन आख्या, न पत्रांक मिला न ही हस्ताक्षर
टीईटी के 31 प्रमाणपत्र सत्यापन के लिए भेजे गए, जिसमें से 30 फर्जी मिले। इनमें से कुछ अनुक्रमांक पीएनपी ने आवंटित ही नहीं किए थे, तो कुछ प्रमाणपत्र पर अंकित अनुक्रमांक दूसरे अभ्यर्थी को आवंटित थे। इसी तरह मुजफ्फरनगर, आजमगढ़, गाजीपुर सहित कुछ और जिलों में टीईटी के प्रमाणपत्र फर्जी होने के प्रकरण सामने आ चुके हैं। मथुरा के अभ्यर्थी के मामले में बीएसए ने सत्यापन के लिए पत्र भेजा ही नहीं
था, इस कारण बीईओ को सत्यापन आख्या लेकर पीएनपी कार्यालय भेजा। प्रथमदृष्टया पीएनपी ने पाया कि सत्यापन आख्या उसकी ओर से नहीं भेजी गई। वह आख्या जिस प्रारूप पर बनी थी, वैसी पीएनपी बनाता ही नहीं है। आख्या पर पत्रांक तो गलत अंकित था ही, उस पर किया गया हस्ताक्षर भी रजिस्टार विपेन्द्र सिंह का नहीं था। अभ्यर्थी ने सत्यापन आख्या में स्वयं को वर्ष 2013 की उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी में शासनादेश व कार्यालय अभिलेखानुसार 150 अंक में 82 प्राप्त कर उत्तीर्ण होना दर्शाया है। पीएनपी ने अभिलेखों से प्रमाणपत्र का सत्यापन कर लिया है, जल्द ही सत्यापन आख्या भेजी जाएगी।
