PM-RAHAT योजना: सड़क दुर्घटना में घायलों को मिलेगा ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज, यूपी में ₹25,000 का पुरस्कार
सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाने और उसकी जान बचाने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए PM-RAHAT योजना की जानकारी सामने आई है। उत्तर प्रदेश में इसके साथ राहवीर योजना के तहत पात्र मददगारों को ₹25,000 का विशेष पुरस्कार देने का भी उल्लेख पोस्टर में किया गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन विभाग की ओर से जारी इस पोस्टर में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस इलाज और आर्थिक सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं।
PM-RAHAT योजना में क्या-क्या मिलेगा?
₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज
केंद्र सरकार की PM-RAHAT योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्ति को निम्न सुविधाएं मिलेंगी:
कैशलेस इलाज: प्रति घायल व्यक्ति अधिकतम ₹1.5 लाख तक का उपचार।
इलाज की अवधि: दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों तक।
सभी प्रकार की सड़कें: मोटर वाहन से हुई दुर्घटना के पात्र पीड़ितों को किसी भी श्रेणी की सड़क पर दुर्घटना होने पर लाभ मिलेगा।
तत्काल उपचार: गैर-गंभीर मामलों में 24 घंटे और गंभीर मामलों में 48 घंटे तक Stabilization Treatment की व्यवस्था है।
Press Information Bureau+2
राहवीर योजना के तहत ₹25,000 का पुरस्कार
सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करके उसे गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को राहवीर (Good Samaritan) योजना के तहत ₹25,000 का पुरस्कार दिया जा सकता है।
दुर्घटना पीड़ित की तत्काल सहायता करनी होगी।
घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने में मदद करनी होगी।
पात्रता और घटना का संबंधित अधिकारियों द्वारा सत्यापन किया जाएगा।
एक से अधिक मददगार होने पर पुरस्कार की राशि निर्धारित नियमों के अनुसार बांटी जाएगी।
योजना का लाभ कैसे मिलेगा?
सड़क दुर्घटना होने पर तत्काल 112 हेल्पलाइन पर सूचना दें।
घायल व्यक्ति को नजदीकी PM-RAHAT से जुड़े निर्धारित अस्पताल पहुंचाएं।
अस्पताल में पात्रता के अनुसार कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी।
पुलिस द्वारा निर्धारित समय-सीमा में डिजिटल माध्यम से दुर्घटना का सत्यापन किया जाएगा।
योजना कब शुरू हुई?
PM-RAHAT योजना को प्रधानमंत्री ने 13 फरवरी 2026 को राष्ट्रव्यापी स्तर पर लॉन्च किया था। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद आर्थिक परेशानी के कारण इलाज में देरी रोकना और गोल्डन आवर में जीवन बचाना है।
