अब निजी शिक्षक भी करेंगे जनगणना ड्यूटी
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जनगणना अधिनियम में बदलाव करते हुए निजी संस्थाओं के शिक्षकों को भी जनगणना कर्मी के रूप में शामिल करने का निर्णय किया है। इसके अनुसार स्थानीय प्राधिकरण, सहायता प्राप्त या असहायता प्राप्त निजी निकायों, सोसायटियों या न्यासों की किसी शैक्षणिक संस्था के शिक्षक को जनगणना में सरकार लगा सकेगी। महारजिस्ट्रार कार्यालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। संशोधित नियमों के अनुसार, राज्यों को कानूनी शक्ति दे दी गई है कि वे जिसे उपयुक्त समझें उसे जनगणना के काम में लगाएं। अभी तक 34 लाख लोग इस कार्य में लगे हैं। अभियान में तेजी लाने के लिए और कर्मियों की जरूरत पड़ रही है
