शासनादेश: जन्म और मृत्यु पंजीकरण के नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, जानिए समय सीमा और प्रक्रिया
01 अक्टूबर 2026 को सरकार द्वारा जन्म और मृत्यु पंजीकरण को लेकर एक नया शासनादेश जारी किया गया है। इस नए आदेश के तहत पंजीकरण की समय सीमा के अनुसार आवश्यक दस्तावेज़ों और शुल्क के नियमों को स्पष्ट किया गया है। अब देरी से पंजीकरण कराने पर शपथ पत्र, विलम्ब शुल्क और संबंधित अधिकारियों की प्रशासनिक स्वीकृति अनिवार्य होगी।
नए शासनादेश के अनुसार जन्म और मृत्यु पंजीकरण की सीरियल वाइज प्रक्रिया इस प्रकार है:
1. जन्म पंजीकरण के नियम (Birth Registration Rules)
01 से 21 दिन तक: जन्म के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने पर नि:शुल्क पंजीकरण प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इसके लिए आवेदन 15 तारीख तक जमा करना आवश्यक है।
22 दिन से 01 वर्ष के अंदर: इस अवधि में पंजीकरण के लिए शपथ पत्र + विलम्ब शुल्क के साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) / सांख्यिकी अधिकारी की स्वीकृति अनिवार्य है।
01 वर्ष से 02 वर्ष के अंदर: इस समयावधि में पंजीकरण कराने पर शपथ पत्र + विलम्ब शुल्क के साथ उपजिलाधिकारी (SDM) द्वारा आदेश और स्वीकृति की आवश्यकता होगी।
02 वर्ष के बाद: दो साल से अधिक की देरी होने पर पंजीकरण के लिए शपथ पत्र + विलम्ब शुल्क के साथ प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा स्वीकृति मिलना अनिवार्य है।
2. मृत्यु पंजीकरण के नियम (Death Registration Rules)
01 से 21 दिन तक: मृत्यु के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने पर नि:शुल्क पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसके लिए भी आवेदन 15 तारीख तक जमा करना होगा।
22 दिन से 01 वर्ष के अंदर: इस अवधि में पंजीकरण के लिए शपथ पत्र + विलम्ब शुल्क के साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) / सांख्यिकी अधिकारी की प्रशासनिक स्वीकृति जरूरी है।
01 वर्ष से 02 वर्ष के अंदर: इस समयावधि में पंजीकरण के लिए शपथ पत्र + विलम्ब शुल्क के साथ उपजिलाधिकारी (SDM) का आदेश और स्वीकृति आवश्यक है।
02 वर्ष के बाद: दो वर्ष के बाद मृत्यु पंजीकरण कराने पर शपथ पत्र + विलम्ब शुल्क के साथ प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा आदेश और स्वीकृति अनिवार्य की गई है।
