TGT NEWS : टीजीटी के लिए टीईटी अनिवार्य, कक्षा छह से 10 तक में पढ़ाएंगे, स्नातक 50 व परास्नातक 45 प्रतिशत अंक से उत्तीर्ण प्रतियोगी हो सकेंगे शामिल
अभी तक स्नातक और बीएड थी अर्हता, नियम में संशोधन के लिए भेजा गया प्रस्ताव
प्रयागराजः प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती अर्हता में माध्यमिक शिक्षा विभाग बड़ा बदलाव करने जा रहा है। इसमें उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। चयन अब केवल कक्षा नौ व 10 के लिए नहीं, बल्कि कक्षा छह से 10 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा चयन प्रक्रिया में सम्मिलित होने के लिए बीएड के साथ-साथ स्नातक 50 प्रतिशत अंक के साथ अथवा परास्नातक 45 प्रतिशत अंक के साथ उत्तीर्ण होना जरूरी होगा। भर्ती अर्हता के विनियम में संशोधन के लिए शासन के निर्देश पर अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) कामताराम पाल की ओर से सोमवार को प्रस्ताव भेज दिया गया। अर्हता संशोधन के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग भर्ती विज्ञापन जारी करेगा।
टीजीटी चयन प्रक्रिया में अभी तक स्नातक व बीएड प्रशिक्षित अभ्यर्थी आवेदन के लिए अर्ह थे। स्नातक स्तर पर अंक प्रतिशत का बंधन नहीं था, लेकिन अब इसमें बदलाव किया जा रहा है। अर्हता में परास्नातक को भी सम्मिलित करते हुए इसे स्पष्ट किया गया है। यानी कि स्नातक में 50 प्रतिशत से कम अंक हैं, लेकिन परास्नातक में 45 प्रतिशत या इससे अधिक अंक हैं, तो भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित हो सकेंगे। इस तरह स्नातक 50 प्रतिशत से कम अंक तथा परास्नातक 45 प्रतिशत से कम अंक से उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थी टीजीटी भर्ती में आवेदन नहीं कर पाएंगे। अभी कक्षा नौ और 10 के लिए चयनित शिक्षक जिस विद्यालय में नियुक्त होते थे, वहां कक्षा छह से कक्षाएं संचालित होने पर यही पढ़ाते थे। अब चूंकि कक्षा छह से आठ तक के शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा या केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है। इस कारण प्रतियोगी बिना टीईटी उत्तीर्ण वाले शिक्षकों से छह से आठ तक कक्षाओं में पढ़ाने का विरोध कर रहे थे।
