Surplus Teachers पर हाईकोर्ट का अहम आदेश: 15 सितंबर के हाईकोर्ट आदेश से स्थिति स्पष्ट, 13 अक्टूबर को अगली सुनवाई
⚖️ 398/2026 : 15 सितंबर के आदेश के बाद Surplus Teachers के लिए महत्वपूर्ण स्थिति
Special Appeal No. 398 of 2026 में माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा 15 सितंबर 2026 को पारित आदेश के बाद surplus teachers के लिए वर्तमान स्थिति को समझना बेहद जरूरी है।
पिछली कार्यवाही में कोर्ट ने surplus निर्धारण, objections और redeployment की प्रक्रिया को लेकर लगातार राज्य से स्थिति स्पष्ट कराई है। अब 15 सितंबर के आदेश में स्थिति को और स्पष्ट किया गया है।
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🔹 1. Report No. 10 में 6 जिलों के Non-Objector शिक्षक
राज्य की ओर से Report No. 10 रिकॉर्ड पर रखी गई है, जिसमें—
फतेहपुर, झांसी, कानपुर देहात, मुजफ्फरनगर, सीतापुर और सुल्तानपुर
के ऐसे Assistant Teachers का विवरण है जिन्हें surplus घोषित किया गया और जिन्होंने अपने redeployment के विरुद्ध कोई objection दाखिल नहीं किया।
🔹 2. Non-Objector शिक्षकों के लिए स्थिति
कोर्ट ने कहा है कि Report No. 10 में जिन शिक्षकों के नाम हैं, उनके transfer/redeployment orders जारी किए जा सकते हैं।
पहले दिया गया interim order उनके पक्ष में अब vacate कर दिया गया है और राज्य को दो सप्ताह के भीतर redeployment letters जारी करने की अनुमति दी गई है।
इसलिए यदि किसी शिक्षक ने objection नहीं किया है और उसका नाम Report No. 10 में है, तो उसके मामले में redeployment की कार्रवाई आगे बढ़ सकती है।
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🔹 3. लेकिन Objector Teachers की स्थिति अलग है
जिन शिक्षकों ने surplus घोषित किए जाने के विरुद्ध objection दाखिल किया था, उनके मामले अभी समाप्त नहीं हुए हैं।
राज्य की ओर से कोर्ट से समय मांगा गया है ताकि—
जिलेवार objections,
objections पर पारित orders
को रिकॉर्ड पर प्रस्तुत किया जा सके।
⚠️ 4. सबसे महत्वपूर्ण बात
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन objections को reject किया गया है, उन rejection orders की correctness/legality को आगे case-wise affidavits के आधार पर test किया जा सकता है।
अर्थात—
सिर्फ objection reject हो जाने से मामला समाप्त नहीं हो जाता।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि objection reject करते समय संबंधित अधिकारी ने शिक्षक द्वारा उठाए गए वास्तविक grounds पर विचार किया या नहीं और rejection order किस आधार पर पारित किया गया।
📌 अब प्रत्येक Surplus Teacher को क्या करना चाहिए?
1️⃣ सबसे पहले अपनी स्थिति स्पष्ट करें
देखें कि आपका नाम Report No. 10 में है या नहीं।
2️⃣ यदि objection नहीं किया था
और नाम Report No. 10 में है, तो redeployment की कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
3️⃣ यदि objection किया था
तो अपने पास निम्न सभी दस्तावेज सुरक्षित रखें—
Surplus list
Original objection
Receiving/Diary Number
Objection rejection order
विद्यालय की वर्तमान teacher position
Headmaster/Head Teacher के कार्यरत होने का प्रमाण
UDISE/Prerna में उपलब्ध teacher details
विद्यालय की sanctioned/required strength से संबंधित रिकॉर्ड
4️⃣ केवल “मैंने objection किया था” पर्याप्त नहीं है
अब सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न है:
आपके objection पर क्या निर्णय लिया गया और उसे reject करने का आधार क्या था?
यही आगे की न्यायिक चुनौती में महत्वपूर्ण हो सकता है।
⚖️ “Head Working + Assistant Surplus” वाले मामलों में विशेष ध्यान
यदि किसी विद्यालय में Headmaster/Head Teacher वास्तव में कार्यरत है, फिर भी उसी विद्यालय के Assistant Teacher को surplus घोषित किया गया है, तो individual case में यह जांचना आवश्यक है कि—
🔸 विद्यालय की required teacher strength कितनी है?
🔸 sanctioned strength कितनी है?
🔸 Headmaster को किस गणना में शामिल किया गया?
🔸 Assistant Teacher को surplus दिखाने का आधार क्या है?
🔸 UDISE/Prerna में क्या स्थिति दर्ज है?
🔸 objection में ये सभी grounds उठाए गए थे या नहीं?
🔸 BSA/competent authority ने इन grounds पर कोई स्पष्ट finding दी या नहीं?
इन तथ्यों के आधार पर individual case की वैधानिक स्थिति अलग-अलग हो सकती है।
📅 अगली महत्वपूर्ण तारीख — 13 अक्टूबर 2026
कोर्ट ने मामला 13 अक्टूबर 2026 को आगे सुनवाई के लिए लगाया है।
इससे पहले राज्य को affected parties से संबंधित compliance और objections पर पारित orders का रिकॉर्ड प्रस्तुत करना है। आदेश में यह भी कहा गया है कि individual teachers के objections पर पारित orders को district-wise website पर upload किया जा सकता है/करने की व्यवस्था चल रही है।
🔴 निष्कर्ष
15 सितंबर 2026 का आदेश सभी surplus teachers के मामले को अंतिम रूप से समाप्त करने वाला आदेश नहीं है।
वर्तमान स्थिति को सरल भाषा में समझें:
NON-OBJECTOR + Report No. 10 में नाम
➡️ Redeployment की कार्रवाई आगे बढ़ सकती है।
OBJECTOR + objection rejected
➡️ मामला समाप्त नहीं; rejection order की legality/correctness को case-wise challenge/test किया जा सकता है।
इसलिए अब समय केवल objection की बात करने का नहीं, बल्कि अपने objection, rejection order और विद्यालय की वास्तविक teacher position के पूरे रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और उसकी कानूनी जांच कराने का है।
संघर्ष जारी है।
तथ्य, रिकॉर्ड और कानून के आधार पर लड़ाई आगे बढ़ेगी।
— आवेश विक्रम सिंह

