अभद्र टिप्पणी, धमकी और ब्लैकमेलिंग के आरोप, सहायक अध्यापक निलंबित
अमेठी में विभागीय जांच के बाद बड़ी कार्रवाई, आठ आरोपों की जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए शिक्षक
अमेठी। विकासखंड शाहगढ़ के प्राथमिक विद्यालय पंडरी में तैनात सहायक अध्यापक वैष्णवी नंदन शुक्ल के खिलाफ विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। बीएसए संजय तिवारी ने शिक्षक को विभिन्न गंभीर आरोपों के चलते निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच में लगाए गए आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।
महिला सहकर्मियों से अभद्र व्यवहार का आरोप
विभाग के अनुसार शिक्षक पर महिला सहकर्मियों के साथ अश्लील एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां करने, धमकी देने और अमर्यादित व्यवहार करने के आरोप लगाए गए थे। इसके अलावा छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और अन्य शिक्षकों के साथ भी अभद्र व्यवहार करने की शिकायत सामने आई थी।
बीएसए के मुताबिक विभिन्न शिकायतों की जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी मुसाफिरखाना को जांच अधिकारी बनाया गया था। जांच अधिकारी ने शिकायतों, उपलब्ध साक्ष्यों और विभागीय अभिलेखों की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया पुष्ट पाए गए।
शिक्षण कार्य में लापरवाही का भी आरोप
जांच में शिक्षक पर शिक्षण कार्य और शासकीय दायित्वों में लापरवाही बरतने के आरोप भी शामिल हैं। विभाग के अनुसार विद्यालय समय में शेयर बाजार में ट्रेडिंग और खरीद-फरोख्त में संलिप्त रहने की शिकायत भी की गई थी।
इसके अलावा शिक्षक पर अनधिकृत रूप से विद्यालय से अनुपस्थित रहने और निर्धारित समय से पहले विद्यालय छोड़ने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।
ब्लैकमेलिंग और धमकी देने की शिकायतें
विभागीय जांच में शिक्षकों और सेवानिवृत्त शिक्षकों को आय से अधिक संपत्ति तथा शिकायतों का भय दिखाने के आरोप भी सामने आए। शिकायतों में फर्जी शिकायत, ब्लैकमेलिंग और रंगदारी मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
इसके साथ ही विभागीय अभिलेखों और सूचनाओं के अनुचित इस्तेमाल, भ्रामक खबरें प्रकाशित कराने, फर्जी दस्तावेजों के नाम पर दबाव बनाने तथा विभागीय कार्यप्रणाली में अनधिकृत हस्तक्षेप के आरोप भी जांच का हिस्सा रहे।
प्रधानाध्यापक और शिक्षक संघ की शिकायतें भी शामिल
अधिकारी के अनुसार जांच के दौरान प्रधानाध्यापक, ग्रामीणों और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से प्राप्त शिकायतों को भी रिकॉर्ड में शामिल किया गया। उपलब्ध शिकायतों और साक्ष्यों की जांच के बाद विभाग ने निलंबन की कार्रवाई की है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निलंबन विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि के आधार पर किया गया है। आगे की कार्रवाई विभागीय जांच के निष्कर्षों और नियमानुसार प्रक्रिया के आधार पर होगी।
