प्रभारी प्रधानाध्यापकों के वेतन पर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, नियमित चयन तक प्रधानाध्यापक की सैलरी देने के निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट की कोर्ट नंबर-6 में माननीय न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने प्राइमरी स्कूलों के प्रभारी प्रधानाध्यापक/प्रधानाध्यापिका के वेतन भुगतान से जुड़ी याचिकाओं पर महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है।
याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि वे प्राइमरी स्कूल/अपर प्राइमरी स्कूल/कम्पोजिट स्कूल/गर्ल्स प्राइमरी स्कूल में प्रभारी प्रधानाध्यापक/प्रधानाध्यापिका के पद पर काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सैलरी नहीं दी जा रही है। यह तब है जब डिवीजन बेंच ने स्पेशल अपील नंबर 652 ऑफ 2024 (सेक्रेटरी, यू.पी. बेसिक एजुकेशन बोर्ड एवं अन्य बनाम त्रिपुरारी दुबे एवं अन्य) में 30 अप्रैल 2025 को स्पष्ट आदेश दिया था कि दो महीने के अंदर जिला स्तरीय वरिष्ठ शिक्षक-शिक्षिका को प्रधानाध्यापक/प्रधानाध्यापिका का चार्ज दिया जाए।
राज्य की ओर से पेश स्टैंडिंग काउंसल ने कोर्ट में 16 जुलाई 2026 का सरकारी आदेश पेश किया, जिसमें प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत शिक्षकों को सैलरी देने का निर्णय लिया गया है।
इस सरकारी आदेश को ध्यान में रखते हुए एकल पीठ ने सभी याचिकाओं का निपटारा करते हुए निर्देश दिया कि नियमित चयन होने तक याचिकाकर्ताओं को प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में प्रधानाध्यापक की सैलरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में काम करने के कारण बकाया सैलरी भी चार महीने के अंदर चुकाई जाए। यह भुगतान त्रिपुरारी दुबे के मामले में दिए गए फैसले के अनुसार किया जाए।
आदेश 20 जुलाई 2026 को पारित किया गया।
