विशेष टीईटी में शिक्षामित्रों को भी परीक्षा का अवसर देने की मांग
, लखनऊः परिषदीय विद्यालयों में बिना शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण किए कार्यरत शिक्षकों को पात्रता पूरी करने का अवसर देने के लिए पहली बार आयोजित की जाने वाली विशेष टीईटी में अब शिक्षामित्रों को भी शामिल करने की मांग उठी है। विधान परिषद सदस्य डा. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शिक्षामित्रों को भी विशेष टीईटी में शामिल करने की मांग की है।
उन्होंने कहा है कि जब अन्य शिक्षकों, सीडब्ल्यूएसएन (विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए शिक्षक) और एजुकेटर्स को परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जा रहा है तो शिक्षामित्रों को भी इससे वंचित नहीं किया जाना चाहिए। एमएलसी ने मुख्यमंत्री से शिक्षामित्रों को विभागीय स्तर पर विशेष टीईटी में शामिल करने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि परीक्षा उत्तीर्ण करने
एमएलसी डा. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र
का अवसर मिलने से लंबे समय से विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्र अपनी पात्रता पूरी कर सकेंगे और अपने भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में वर्तमान में एक लाख से अधिक शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इन्हें 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। पहली बार आयोजित की जा रही विशेष टीईटी के लिए आवेदन की प्रक्रिया पांच सितंबर से शुरू हो चुकी है। आवेदन करने की अंतिम तिथि चार अक्टूबर निर्धारित की गई है। परीक्षा तीन नवंबर को प्रस्तावित है। सुप्रीम कोर्ट ने बिना टीईटी कार्यरत शिक्षकों के लिए 31 अगस्त 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया है। इसी के मद्देनजर विशेष टीईटी का आयोजन किया जा रहा है।
