चित्रकूट में प्रधानाध्यापक निलंबित, स्कूल में शराब सेवन समेत सात गंभीर आरोप
चित्रकूट। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय चित्रकूट की ओर से जारी निलंबन आदेश के अनुसार प्राथमिक विद्यालय बसंतपुर, क्षेत्र पहाड़ी, जनपद चित्रकूट के प्रधानाध्यापक श्री पारसनाथ को प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर निलंबित कर दिया गया है। आदेश दिनांक 22 अगस्त 2026 का है।
आदेश के मुताबिक 8 अगस्त 2026 को विद्यालय का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था और शिक्षक के कार्यों को लेकर कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में विद्यालय में पढ़ाई की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं मिलने तथा अधिकांश बच्चों के पढ़ने में सक्षम नहीं पाए जाने की बात कही गई है।
आदेश में यह भी उल्लेख है कि निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापक के बातचीत करने के तरीके एवं हाव-भाव से शराब के सेवन का आभास हुआ। पूछताछ में शराब सेवन बंद करने की बात बताई गई, जबकि विद्यालय में कार्यरत सहायक शिक्षक के कथन के आधार पर विद्यालय में शराब आदि का सेवन किए जाने का आरोप लगाया गया है।
इसके अलावा पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद निषिद्ध स्थानों से छात्रों की सुरक्षा के लिए नोडल अध्यापक का नाम सूचना पट्ट/गेट पर प्रदर्शित नहीं किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। बीएसए कार्यालय द्वारा 10 अगस्त 2026 को स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन आदेश के अनुसार प्रस्तुत स्पष्टीकरण को तथ्यहीन/बलहीन मानते हुए स्वीकार योग्य नहीं पाया गया।
प्रधानाध्यापक पर लगाए गए सात आरोप
निलंबन आदेश में प्रथम दृष्टया निम्न आरोपों की पुष्टि होने की बात कही गई है—
1. विद्यालय में शराब का सेवन करना।
2. विद्यालय में शिक्षण कार्य नहीं किया जाना।
3. विभागीय निर्देशों का अनुपालन नहीं करना।
4. पदीय दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं करना।
5. टाइम एंड मोशन के शासनादेश के अनुसार विद्यालय का संचालन नहीं करना।
6. उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन नहीं करना।
7. कर्मचारी आचरण सेवा नियमावली का उल्लंघन करना।
आदेश में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि होने के कारण उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी वर्ग नियमावली, 1973 तथा संबंधित अनुशासनात्मक नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है।
निलंबन अवधि में संबंधित कर्मचारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। मामले की विभागीय जांच के लिए श्री एन.पी. सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, मुख्यालय जनपद चित्रकूट को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच अधिकारी को आरोपों के संबंध में स्पष्ट एवं तथ्यात्मक जांच आख्या साक्ष्यों सहित एक माह के भीतर कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नोट: उपरोक्त समाचार संलग्न निलंबन आदेश में दर्ज आरोपों और विभागीय कार्रवाई पर आधारित है। आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही माना जाएगा।
