शिक्षकों की मेहनत से परिषदीय स्कूल बना अभिभावकों की पसंद
मेंहदावल। नगर पंचायत मेंहदावल के कंपोजिट विद्यालय गगनई बाबू के बूक शिक्षकों की मेहनत से विद्यालय की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। कभी कम छात्र संख्या और कक्षाओं में पसरे सन्नाटे के रूप में जिस विद्यालय की पहचान बनी हुई थी, आज उसी विद्यालय में 517 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। चार वर्षों में छात्र संख्या में बढ़ोतरी हुई है। विद्यालय में छात्रों से अधिक छात्राओं का नामांकन है। शिक्षकों की मेहनत, अभिभावकों से लगातार संवाद और विद्यालय के शैक्षिक एवं भौतिक वातावरण में किए गए सुधार का असर अब विद्यालय में साफ दिखाई दे रहा है। स्मार्ट क्लास के लिए लगे स्मार्ट टीवी, पुस्तकालय, बेहतर बेंच, हर कक्ष में लगे टाइल्स, दीवारों पर बेहतर रंग-रोगन और पेड़
पौधों व फूलों से सजा परिसर विद्यालय को आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
मेंहदावल के कंपोजिट विद्यालय गगनई बाबू विद्यालय की बदली तस्वीर किसी एक दिन के प्रयास का परिणाम नहीं है। इसके पीछे वर्षों से शिक्षक टीम की मेहनत और बच्चों को बेहतर शिक्षा देने की प्रतिबद्धता है। शिक्षक अशोक कुमार पाण्डेय,
विद्यालय में नृत्य का अभ्यास करतीं छात्राएं।
कमलेश चंद्र त्रिपाठी, बृजेश कुमार, सत्य प्रकाश और संजय कुमार राय ने विद्यालय में बच्चों की संख्या बढ़ाने के साथ उनकी नियमित उपस्थिति और पढ़ाई पर भी विशेष ध्यान दिया। शिक्षकों के अनुसार जब उन्होंने विद्यालय की जिम्मेदारी संभाली तो सबसे बड़ी चुनौती बच्चों को नियमित स्कूल तक लाना और अभिभावकों
का भरोसा जीतना था। नामांकन कम था और कई विद्यार्थी नियमित रूप से विद्यालय नहीं आते थे। शिक्षकों ने इस समस्या को केवल विद्यालय की चारदीवारी तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने अभिभावकों से लगातार संपर्क शुरू किया। बैठकों में बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति और उनकी प्रगति को लेकर बातचीत की। यदि कोई बच्चा नियमित रूप से विद्यालय नहीं आता था तो उसके अभिभावक को फोन कर इसकी जानकारी दी जाती थी। अभिभावकों को बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया गया। लगातार संवाद और प्रयास का असर धीरे-धीरे दिखाई देने लगा। विद्यालय से दूरी बनाने वाले बच्चे नियमित रूप से कक्षाओं में पहुंचने
लगे और अभिभावकों का विद्यालय के प्रति विश्वास भी बढ़ा। शिक्षक अशोक कुमार पाण्डेय ने बताया कि मेहनत की बदौलत कंपोजिट विद्यालय गगनई बाबू में छात्र संख्या हर वर्ष बढ़ी है। सत्र 2023-24 में 375, 2024-25 में 425, 2025-26 में 456 और 2026-27 में 517 बच्चों के नामांकन हुए हैं।
