कहा, जब विज्ञापन एक तो पेंशन में भेदभाव क्यों? शिक्षक दिवस पर काली पट्टी बांधकर जताया विरोध, पुरानी पेंशन की मांग
कहा, जब विज्ञापन एक तो पेंशन में भेदभाव क्यों
शिक्षक दिवस पर काली पट्टी बांधकर जताया विरोध, पुरानी पेंशन की मांग
लखनऊ। शिक्षक दिवस के मौके पर शनिवार को प्रदेशभर के 1 अप्रैल 2005 से पूर्व विज्ञापित बेसिक शिक्षकों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया और अपना सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। शिक्षकों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि उन्हें भर्ती विज्ञापन की तिथि के आधार पर पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ प्रदान किया जाए।
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी ने कहा कि शिक्षक दिवस पर काली पट्टी बांधकर किया गया यह विरोध सरकार तक शिक्षकों की पीड़ा और न्याय की मांग पहुंचाने का एक शांतिपूर्ण माध्यम है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चयन और भर्ती का विज्ञापन एक समान व्यवस्था के तहत हुआ था, तो पेंशन के मामले में शिक्षकों के साथ यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है?
एसोसिएशन के महासचिव दिलीप चौहान ने कहा कि शिक्षक अपने विद्यालयों में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ शिक्षण दायित्व निभाते हुए वर्षों से लंबित अपने जायज हक की मांग कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि 1 अप्रैल 2005 के पूर्व विज्ञापित बेसिक शिक्षकों को विज्ञापन की तिथि के आधार पर ओपीएस का लाभ हर हाल में मिलना चाहिए और सरकार को अब इस मामले में ठोस निर्णय लेना चाहिए।
वहीं, प्रदेश मीडिया प्रभारी विनीत सिंह ने कहा कि शिक्षकों द्वारा बांधी गई यह काली पट्टी उनके शांतिपूर्ण लेकिन स्पष्ट और दृढ़ विरोध का प्रतीक है।
