₹2,000 से ऊपर UPI पेमेंट पर 0.4% MDR! आपकी जेब कटेगी या दुकानदार की? समझें पूरा गणित
अगर आप भी रोजाना सामान खरीदने या पेमेंट करने के लिए फोनपे, गूगल पे या पेटीएम जैसे डिजिटल ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके काम की है। केंद्र सरकार ने 'पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स (PSS) एक्ट 2007' में बदलाव करते हुए 2,000 रुपए से ज्यादा के पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) यानी किसी दुकानदार या व्यापारी को किए जाने वाले UPI ट्रांसफर पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने को मंजूरी दे दी है।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने साफ किया है कि यह नया नियम 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। लेकिन आम जनता के लिए सबसे राहत की बात यह है कि इस फैसले से आपकी जेब से एक भी अतिरिक्त पैसा नहीं कटेगा।
'P2P' ट्रांसफर रहेगा 100% फ्री, ग्राहकों के लिए कोई चार्ज नहीं!
सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के बीच NPCI ने पूरी स्थिति साफ कर दी है।
दोस्तों या रिश्तेदारों को पैसे भेजने पर जीरो चार्ज: अगर आप अपने किसी साथी, रिश्तेदार या जान-पहचान वाले को पैसे ट्रांसफर करते हैं यानी पर्सन-टू-पर्सन, तो चाहे रकम 2,000 रुपए हो या 50,000 रुपए, उस पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।
ग्राहकों के लिए पूरी तरह मुफ्त: यह 0.4% का MDR शुल्क दुकानदार या व्यापारी को देना होगा, न कि ग्राहक को। उदाहरण के लिए, अगर आप किसी दुकान से 2,500 रुपए का सामान खरीदकर QR कोड स्कैन करते हैं, तो आपके अकाउंट से केवल 2,500 रुपए ही कटेंगे। दुकानदार को मिलने वाली रकम में से 10 रुपए MDR के रूप में कटेंगे।
छोटे दुकानदारों को राहत: छोटे व्यापारी जो महीने में UPI QR कोड के जरिए 1 लाख रुपए तक का डिजिटल पेमेंट लेते हैं, उन्हें इस नियम से बाहर रखा गया है। उन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।
2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर कितना कटेगा चार्ज?
दुकानदारों के लिए 0.4% MDR का गणित कुछ इस तरह काम करेगा:
3,000 रुपए का पेमेंट: दुकानदार को 12 रुपए शुल्क देना होगा।
5,000 रुपए का पेमेंट: दुकानदार पर 20 रुपए का चार्ज लगेगा।
10,000 रुपए का पेमेंट: 40 रुपए का शुल्क कटेगा।
बड़ी खरीदारी पर कैपिंग: 75,000 रुपए से ज्यादा की बड़ी खरीदारी पर शुल्क की अधिकतम सीमा 300 रुपए तय कर दी गई है। यानी 1 लाख रुपए के पेमेंट पर 400 रुपए की जगह केवल 300 रुपए ही चार्ज लगेगा।
रेलवे, पेट्रोल पंप और इंश्योरेंस के लिए 'फ्लैट 5 रुपए' का नियम
सार्वजनिक सेवाओं और जरूरी सेक्टरों में लागत बढ़ने से रोकने के लिए सरकार ने विशेष राहत दी है।
रेलवे, फ्यूल, टेलीकॉम और इंश्योरेंस: इन जगहों पर 2,000 रुपए से ऊपर के किसी भी ट्रांसफर पर 0.4% की जगह केवल 5 रुपए का फ्लैट MDR लगेगा।
म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार: म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज और स्टॉक ब्रोकर्स के जरिए होने वाले पेमेंट पर महज 0.02% की दर से शुल्क लगेगा (अधिकतम सीमा 300 रुपए)।
दुकानदार ग्राहकों से वसूल नहीं सकते चार्ज
अक्सर देखा जाता है कि कुछ दुकानदार कार्ड या ऑनलाइन पेमेंट पर लगने वाला चार्ज ग्राहकों पर डाल देते हैं। लेकिन एनपीसीआई ने सख्त हिदायत दी है कि कोई भी मर्चेंट UPI पेमेंट लेते वक्त ग्राहकों से MDR की वसूली नहीं कर सकता।
साथ ही, Google Pay, PhonePe या Paytm जैसे ऐप प्रोवाइडर्स पर किसी भी तरह का हिडन चार्ज या प्लेटफॉर्म फीस लगाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
सरकार के मुताबिक, देश में होने वाले कुल मर्चेंट UPI पेमेंट्स का 96% हिस्सा 2,000 रुपए से कम का होता है, जिस पर कोई शुल्क नहीं है। वसूले गए इस 0.4% एमडीआर का इस्तेमाल साइबर सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और डिजिटल पेमेंट्स की तकनीक को सुधारने में किया जाएगा।
