UP Board: स्कूलों में प्रवेश के समय जन्मतिथि दर्ज करने में बरतें सावधानी, माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जारी की महत्वपूर्ण गाइडलाइन
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के प्रवेश के समय जन्मतिथि दर्ज करने को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। परिषद की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि हाईस्कूल प्रमाणपत्र में जन्मतिथि का अंकन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, इसलिए जन्मतिथि दर्ज करते समय विशेष सावधानी बरती जाए।
परिषद के सचिव भगवती सिंह की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से छात्र-छात्राओं की जन्मतिथि संशोधन से संबंधित प्रकरण लगातार प्राप्त होते रहते हैं। कई मामलों में यह भी देखने को मिला है कि विद्यालय में प्रवेश के समय दर्ज की गई जन्मतिथि और बाद में प्रस्तुत किए गए अभिलेखों में अंतर पाया जाता है।
कक्षा-1 में प्रवेश के समय उम्र 6 वर्ष निर्धारित
विज्ञप्ति में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 (RTE Act) का हवाला देते हुए बताया गया है कि कक्षा-1 में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु 6 वर्ष निर्धारित है। इसलिए प्रवेश के समय बच्चे की जन्मतिथि का सही एवं प्रमाणिक अभिलेख के आधार पर अंकन किया जाना आवश्यक है।
इन दस्तावेजों से साबित की जा सकती है जन्मतिथि
परिषद ने स्पष्ट किया है कि जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम के तहत प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में विद्यालय में प्रवेश के प्रयोजन के लिए निम्न अभिलेखों में से किसी एक को बच्चे की आयु के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जा सकता है—
- अस्पताल/सहायक नर्स एवं मिडवाइफ पंजी अभिलेख
- आंगनबाड़ी का अभिलेख
- जन्म एवं मृत्यु संबंधी ग्राम पंचायत अभिलेख
- माता-पिता या अभिभावक द्वारा बच्चे की आयु के संबंध में दिया गया शपथ-पत्र
एक ही अभिलेख के आधार पर दर्ज हो जन्मतिथि
परिषद ने निर्देश दिया है कि विद्यालय में प्रथम प्रवेश के समय उपरोक्त में से किसी एक प्रमाणिक अभिलेख के आधार पर ही छात्र-छात्रा की जन्मतिथि अंकित की जाए। बाद में अलग-अलग दस्तावेजों के आधार पर जन्मतिथि में बदलाव की स्थिति से बचने के लिए विद्यालयों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
यह विज्ञप्ति 27 अगस्त 2026 को माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के सचिव की ओर से जारी की गई है। परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इसे “विद्यालय में प्रवेश के समय छात्र/छात्राओं की जन्मतिथि अंकन में सावधानी के संबंध में” शीर्षक से प्रदर्शित किया गया है।
**अभिभावकों और विद्यालयों के लिए यह निर्देश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हाईस्कूल प्रमाणपत्र में दर्ज जन्मतिथि आगे की शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य सरकारी कार्यों में महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में उपयोग होती है
