विद्यालय टैबलेट पर मनोरंजन किया तो फंसेंगे गुरुजी, 2777 स्कूलों में 5212 टैबलेट उपलब्ध
हरदोई। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों को उपलब्ध कराए गए टैबलेट के उपयोग को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। अब टैबलेट के उपयोग का डिजिटल ऑडिट कराया जाएगा। इसका उद्देश्य टैबलेट का नियमित और केवल शैक्षणिक कार्यों में इस्तेमाल सुनिश्चित करना है।
जिले के 3446 विद्यालयों में से 2777 विद्यालयों में 5212 टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। इन टैबलेट के माध्यम से शिक्षक डिजिटल लर्निंग, ऑनलाइन उपस्थिति, दीक्षा (DIKSHA), निपुण भारत और स्मार्ट क्लास जैसी शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन कर सकते हैं।
लॉग फाइल और स्क्रीन टाइम की होगी निगरानी
डिजिटल ऑडिट में टैबलेट की लॉग फाइल, स्क्रीन टाइम और ऐप के उपयोग की निगरानी की जाएगी। यह देखा जाएगा कि टैबलेट का इस्तेमाल केवल शैक्षणिक कार्यों के लिए हो रहा है या नहीं। सोशल मीडिया, यूट्यूब, निजी मनोरंजन अथवा अन्य गैर-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए टैबलेट का इस्तेमाल मिलने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
खराब टैबलेट की स्थिति भी होगी स्पष्ट
डिजिटल ऑडिट से टैबलेट के नियमित संचालन और खराब टैबलेट की स्थिति की भी जानकारी मिल सकेगी। यदि किसी टैबलेट में गड़बड़ी पाई जाती है तो उसकी जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अनधिकृत ऐप डाउनलोड करने पर भी कार्रवाई
शिक्षकों को दिए गए टैबलेट में अनधिकृत ऐप डाउनलोड करने या डिवाइस से छेड़छाड़ करने पर भी विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। यदि टैबलेट में गड़बड़ी करने वाला ऐप पाया जाता है तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने की बात कही गई है।
बीएसए प्रमात मिश्रा ने बताया कि टैबलेट का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाएगा और इनका उपयोग विभागीय एवं शैक्षणिक कार्यों के लिए ही किया जाना है। गैर-शैक्षणिक गतिविधियों में टैबलेट का प्रयोग पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
