बर्खास्त फर्जी शिक्षिका पर नहीं हुआ केस, वेतन की वसूली भी लंबित
जासं, श्रावस्ती : सिरसिया ब्लाक के राजकीय हाईस्कूल भचकाही में कूटरचित दस्तावेजों के सहारे नौकरी कर रही संस्कृत विषय की सहायक शिक्षिका को विभाग ने बर्खास्त तो कर दिया, लेकिन आरोपित पर अब तक केस दर्ज नहीं हुआ है। फर्जी शिक्षिका द्वारा आहरित वेतन की वसूली की प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई है। मामला ठंडे बस्ते में है। तत्कालीन ने डीआइओएस संबंधित थानाध्यक्ष, एसपी को पत्र लिखकर केवल औपचारिकता पूरी की।
अंबेडकरनगर जिले के टांडा तहसील क्षेत्र के जलालपुर मनिकापुर निवासी रीता यादव ने श्रावस्ती के सिरसिया क्षेत्र के राजकीय हाईस्कूल भचकाही में तीन मई 2018 को संस्कृत विषय की सहायक शिक्षिका के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। अंबेडकरनगर के अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार यादव ने शिक्षिका के शैक्षिक अभिलेख फर्जी होने की शिकायत माध्यमिक शिक्षा निदेशक से की। जानकारी मिलते ही फर्जी शिक्षिका मार्च 2019 में विद्यालय से गायब हो गईं। इस दौरान उन्होंने तीन मई
फर्जी शैक्षिक अभिलेखों के सहारे कर रही थी नौकरी, माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिकायत के बाद से फरार है शिक्षिका
2018 से फरवरी 2019 तक कुल पांच लाख दो हजार 795 रुपये वेतन के रूप में आहरित किए।
शिकायतकर्ता के पत्र को संज्ञान में लेते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने फर्जी शिक्षिका को बर्खास्त कर आहरित वेतन की वसूली और प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रपाल ने सिरसिया थानाध्यक्ष को आठ अक्टूबर 2020 और पुलिस अधीक्षक को 20 अक्टूबर 2020 को पत्र लिखकर मामला दर्ज करने की अपेक्षा की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिला विद्यालय निरीक्षक सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और संबंधित थाने में एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। बर्खास्त शिक्षिका से आहरित वेतन की वसूली संबंधी कार्रवाई भी की जाएगी।
