शिक्षिका को अनुचित लाभ देने में बीईओ निलंबित, जानें पूरा मामला
आगरा,
फतेहाबाद के खंड शिक्षाधिकारी (बीईओ) शेष बहादुर सरोज पर शासन स्तर से कार्रवाई हुई है। स्कूल न आने वाली शिक्षिका को अवकाश स्वीकृत करने के मामले में उन्हें निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (एडी, बेसिक) की जांच आख्या पर अपर शिक्षा निदेशक मनोज कुमार द्विवेदी ने की है। पूरे मामले की जांच के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक, आगरा मंडल को पदेन अधिकारी नियुक्त किया गया है। निलंबन अवधि में बीईओ एडी बेसिक कार्यालय से संबद्ध रहेंगे।
अपर शिक्षा निदेशक के जारी निर्देशानुसार खंड शिक्षाधिकारी शेष बहादुर सरोज पर आरोप है कि उन्होंने उच्च प्राथमिक विद्यालय रावर कंपोजिट, फतेहाबाद की सहायक अध्यापिका रिनी सिंह को एक नवंबर 2022 से अनुपस्थित रहने के बावजूद अनुचित लाभ दिया।
तीन वर्ष के अवकाश और नौ माह तक निरंतर अनुपस्थित रहने के बावजूद उन्हें समय-समय पर ग्रीष्मावकाश, शीतकालीन अवकाश, असाधारण अवकाश, चिकित्सा अवकाश और बाल्य देखभाल अवकाश स्वीकृत कर दिए। इसके साथ ही खंड शिक्षाधिकारी ने उच्चाधिकारियों को भ्रमित किया। उनकी ओर से साक्ष्य भी उपलब्ध नहीं कराए गए। उन पर कार्यशैली में अनियमितता और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप हैं।
शासन को भेजी थी जांच आख्याः मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक ने पूरे मामले की जांच की और अपनी जांच आख्या शासन को भेजी थी। इसके आधार पर खंड शिक्षाधिकारी ने यह कार्रवाई की गई। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री बृजेश दीक्षित ने इस कार्रवाई का स्वागत किया। इसके साथ ही इस मामले में उन्होंने कहा कि शेष बहादुर सरोज लंबे समय से शिक्षकों का उत्पीड़न कर रहे थे। संघ ने इस मामले को लगातार उठाया।
निलंबन अवधि में एडी मुख्यालय से संबद्ध
निलंबन अवधि के दौरान उन्हें एडी बेसिक कार्यालय से संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता (सब्सिस्टेंस अलाउंस) दिया जाएगा, जो वित्तीय हस्तपुस्तिका के प्रावधानों के अनुरूप होगा। हालांकि, यदि किसी अन्य स्रोत से आय प्राप्त होने की पुष्टि होती है तो भत्ते में आवश्यक समायोजन किया जाएगा। इसके साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक, आगरा मंडल को पदेन अधिकारी नामित किया गया है।
