शादी के पंजीकरण में पुजारी की उपस्थिति और शपथपत्र जरूरी
प्रयागराज। निबंधन विभाग ने शादी के पंजीकरण के वक्त पुजारी की उपस्थिति भी अनिवार्य कर दी गई है। अगर पुजारी की मौजूदगी नहीं होगी तो विवाह का पंजीकरण भी नहीं किया जाएगा।
पहले वर और वधू पक्ष को शादी का कार्ड के साथ गवाह प्रस्तुत करना पड़ता था। इसी आधार पर विवाह का पंजीकरण कर किया जाता था।
अब व्यवस्था बदल दी गई है। पंजीकरण के वक्त पुजारी की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा पुजारी को पंजीकरण के दौरान एक शपथपत्र भी देना होगा ताकि बाद में पुजारी को लेकर कोई विवाद न हो।
पुजारी की व्यवस्था पंजीकरण कराने वाले वर-वधू को करनी होगी। साथ ही पूर्व की व्यवस्था के तहत गवाह भी प्रस्तुत करना होगा। विवाह पंजीकरण में फर्जीवाड़ा रोकने और प्रमाणपत्रों की सत्यता सुनिश्चित करने के लिए कोर्ट के आदेश के अनुपालन में पुजारी की व्यवस्था लागू की गई है।
यदि विवाह में परिवार या माता पिता उपस्थित नहीं हैं तो विवाह
निबंधन विभाग ने लागू की व्यवस्था, पुजारी को देना होगा शपथपत्र
संपन्न कराने वाले पुजारी/काजी की उपस्थिति रजिस्ट्रार के समक्ष अनिवार्य है।
पुजारी को एक नोटरीकृत शपथ पत्र देना होगा। इसमें उनका नाम, स्थायी/अस्थायी पता, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर जैसी पूरी जानकारी दर्ज हो।
शादी की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग पेन ड्राइव में जमा करना अनिवार्य है। यदि वर-वधू के माता-पिता या परिवार के वयस्क सदस्य पंजीकरण के समय उपस्थित होते हैं और विवाह का समर्थन करते हैं तो रजिस्ट्रार अपनी संतुष्टि के आधार पर पुजारी की उपस्थिति और वीडियो की शर्त में छूट दे सकते हैं। एआईजी स्टांप राकेश चंद्र ने बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुपालन में पुजारी की मौजूदगी में विवाह पंजीकरण किया जा रहा है।
