बेसिक शिक्षा कर्मियों को एसबीआइ में खाता बदलते ही मिलेंगे बीमा और अन्य लाभ
लखनऊ: बेसिक शिक्षा विभाग के स्थायी और संविदा शिक्षकों व अन्य कार्मिकों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिलाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के बाद क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलाधिकारियों, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों (बेसिक) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर योजना को प्रभावी ढंग से लागू कराने के निर्देश दिए हैं।
आठ जुलाई को वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज योजना का शुभारंभ किया था। इसी दौरान बेसिक शिक्षा विभाग और एसबीआइ के बीच तीन एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे। इसके तहत 10 हजार रुपये या उससे अधिक नेट मासिक वेतन पाने वाले स्थायी शिक्षक व कर्मचारी,
अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा ने सभी जिलाधिकारियों, वीएसए व शिक्षा अधिकारियों को जारी किए निर्देश
10 हजार रुपये या उससे अधिक मानदेय पाने वाले विभागीय संविदा कर्मी (शिक्षामित्र, अंशकालिक अनुदेशक आदि), सेवा प्रदाता के माध्यम से नियुक्त कर्मी व 10 हजार रुपये से कम मानदेय पाने वाले संविदा कर्मी भी योजना के दायरे में आएंगे।
10 हजार रुपये से कम मानदेय पाने वाले कर्मियों को एसबीआई में जीरो बैलेंस खाता खोलना होगा। ऐसे खाताधारकों को एटीएम आधारित दो
लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर मिलेगा। वहीं अन्य श्रेणियों के कर्मचारियों को एमओयू के तहत स्टेट गवर्नमेंट सैलरी पैकेज (एसजीएसपी) या कारपोरेट सैलरी पैकेज (सीएसपी) के अनुसार विभिन्न सामाजिक सुरक्षा और बीमा सुविधाएं मिलेंगी। जिन स्थायी कर्मचारियों का पहले से एसबीआइ में खाता है, उन्हें उसे एसजीएसपी में परिवर्तित कराना होगा, जबकि अन्य बैंक में खाता रखने वालों को एसबीआई में नया वेतन खाता खोलना होगा।
संविदा और आउटसोर्स कर्मियों के खाते कॉरपोरेट सैलरी पैकेज के तहत खोले या परिवर्तित किए जाएंगे। जिला स्तर पर एसबीआइ शाखाएं स्कूलों की मैपिंग कर शिविर लगाकर खाते खोलेंगी और परिवर्तित करेंगी, लेकिन छोट पाण्डेय इससे पठन-पाठन प्रभावित नहीं होना चाहिए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पखवाड़े में और खंड शिक्षा अधिकारी प्रत्येक सप्ताह प्रगति की समीक्षा करेंगे।
