बेसिक स्कूलों के शिक्षकों समायोजन 30 सितंबर की छात्र संख्या के आधार पर हो
प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों समायोजन 30 सितंबर की छात्र संख्या के आधार पर हो
प्राइमरी स्कूलों में 30 अप्रैल की छात्र संख्या को आधार मानकर किए जा रहे शिक्षकों के समायोजन का विरोध शुरू हो गया है। इस प्रक्रिया से शिक्षकों में भारी आक्रोश है। शिक्षकों की मांग है कि शासन समायोजन सितम्बर में शिक्षक व छात्र संख्या के आधार पर करे।उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने इस प्रक्रिया पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि 'स्कूल चलो अभियान' के तहत 15 जुलाई तक नामांकन प्रक्रिया चलती है। ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर दाखिले जुलाई में ही होते हैं। 31 मार्च को कक्षा पांच व आठ के बच्चे पास होकर दूसरे स्कूल चले जाते हैं।
इससे अप्रैल में छात्र संख्या अचानक कम हो जाती है। ऐसे में 30 अप्रैल को आधार मानने से हजारों शिक्षक प्रभावित होंगे। छात्र-शिक्षक अनुपात बिगड़ जाएगा। संघ ने शासन से मांग की है कि पूर्व की भांति 30 सितंबर की छात्र संख्या को ही आधार मानकर समायोजन प्रक्रिया को अपनाया जाए। संगठन की सरकार से मांग है कि हाईकोर्ट में बीते वर्ष 30 सितंबर की छात्र संख्या को आधार मानकर समायोजन प्रक्रिया पर पक्ष रखे।
