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क्या उत्तर प्रदेश सरकार विभागीय TET (या विशेष/अतिरिक्त TET) परीक्षा आयोजित करा सकती है.....?। विस्तृत विश्लेषण

 क्या उत्तर प्रदेश सरकार विभागीय TET (या विशेष/अतिरिक्त TET) परीक्षा आयोजित करा सकती है.....?।

विस्तृत विश्लेषण

दिनांक 17 जून 2026

SC के 29 मई 2026 के रिव्यू पिटिशन आदेश (State of U.P. v. Anjuman Ishaat-e-Taleem Trust, 2026 INSC 597) के अनुसार कोई विधिक अड़चन नहीं है, और न ही HC/SC से कोई रोक लगने की संभावना दिखती है। विस्तृत विधिक विश्लेषण नीचे है।


 1. **SC आदेश 29 मई 2026 का सार (Review Petition Outcome)** 






- **रिव्यू खारिज**: SC ने 65+ रिव्यू पिटिशन (UP सहित कई राज्यों/शिक्षक संघों की) खारिज कर दीं। *Anjuman Ishaat-e-Taleem Trust* (2025) के मूल फैसले को सही ठहराया।

- **TET अनिवार्य**: RTE Act की धारा 23 के तहत **सभी in-service teachers** (pre-RTE appointees सहित, जिनके पास 5+ वर्ष सेवा बाकी है) के लिए TET **eligibility condition** है। बिना TET के सेवा continuation नहीं, और promotion के लिए भी अनिवार्य।

- **समय विस्तार (Article 142 के तहत)**: मूल 2 वर्ष की डेडलाइन (31 Aug 2027) को बढ़ाकर **31 अगस्त 2028** कर दिया। SC ने स्पष्ट कहा कि **और कोई extension नहीं** मिलेगा।

- **राज्यों पर निर्देश**: SC ने स्पष्ट रूप से कहा कि **TET examinations expeditiously conduct** किए जाएं, preferably **वर्ष में दो बार** (लगभग 6 महीने के अंतराल पर), ताकि शिक्षकों को  TET परीक्षा उत्तीर्ण करने हेतु पर्याप्त मौके मिलें।


यह आदेश TET की **necessity और quality education (Article 21-A)** पर जोर देता है, लेकिन राज्यों को implementation में flexibility भी देता है, इसलिए राज्य सरकारें विभागीय TET परीक्षा आयोजित कर सकते है ।


 2. **विभागीय TET कराने की वैधता**

- **SC का समर्थन**: SC ने राज्यों को TET आयोजित करने का **स्पष्ट निर्देश** दिया है। "Departmental TET" (केवल in-service teachers के लिए विशेष परीक्षा) या regular UPTET में in-service category अलग से इसकी अनुमति दी गई है। कई राज्यों (जैसे TN, AP आदि) ने पहले ही in-service teachers के लिए **special/departmental TET** notifications जारी कर दिए हैं एवं पंजाब सरकार द्वारा माह अप्रैल 2026 में 99% शिक्षक विभागीय TET के माध्यम से TET परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं ।

- **RTE/NCTE फ्रेमवर्क**: TET NCTE guidelines के तहत राज्य स्तर पर आयोजित होती है। UP Basic Education Board/UPESSC के माध्यम से विभागीय परीक्षा कराना **subordinate legislation** के दायरे में है, जो SC आदेश के अनुरूप है। NCTE notification (23 Aug 2010) के exemptions को SC ने parent statute (RTE) के सामने subordinate माना है और override नहीं होने दिया गया है । इसलिए सेवारत शिक्षकों के लिए विभागीय TET कराया जा सकता है।

- **विभागीय TET के लिए कोई retrospective bar नहीं है**: इस प्रकरण में SC ने स्पष्ट किया कि TET retrospective तरीके से लागू होता है क्योंकि qualification **eligibility** है, न कि punishment। विभागीय TET इसी eligibility को पूरा करने का साधन है।


**UP के संदर्भ में**: UP में ~1.86 लाख in-service teachers प्रभावित हैं। CM Yogi ने पहले review petition फाइल करने का निर्देश दिया था, अब SC फैसले के बाद राज्य सरकारों के समक्ष विभागीय परीक्षा कराने का रास्ता खुला है। UPTET 2026 (July 2026) पहले से scheduled है, विभागीय विकल्प अतिरिक्त relief दे सकता है।


 3. **क्या कोई विधिक अड़चन या Court Stay संभव?**

**नहीं, संभावना बहुत कम:**


- **SC से रोक**: SC ने review खारिज कर दिया और TET को uphold किया है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट से अब curative petition (बहुत rare) या contempt के अलावा कोई immediate challenge की कोई उम्मीद नहीं है । SC ने "no further extension" कहा, लेकिन परीक्षा आयोजित करने पर कोई रोक नहीं लगाई — बल्कि encouraged किया।


* **High Court**: Allahabad HC में challenge हो सकता है, लेकिन SC के binding judgment (Article 141) के खिलाफ stay मिलना मुश्किल। Precedents में SC education quality matters में HC interference सीमित रखता है। Union/States को implementation liberty है, इसलिए विरोध करने वालों को हाईकोर्ट से राहत की उम्मीद नहीं है । 



- **संभावित challenges**: 

  - Arbitrariness (Article 14) — लेकिन SC ने इसे reject कर दिया।

  - Service rules violation — SC ने prevailing rules vs statutory qualification (RTE) में latter को superior माना।

  - Practical issues (exam frequency) — SC निर्देश के अनुरूप विभागीय TET इसे address करेगा।


**अगर challenge होता है**: Interim stay भी नहीं मिल सकता है , क्योंकि children's right to quality education (Article 21-A) paramount है एवं राज्य सरकार का नीतिगत मामला है ।


   4. **व्यावहारिक सलाह और Implications (UP Teachers के लिए)**

- **क्या सरकार विभागीय TET कर सकती है*  ...?

- उत्तर हाँ, 

- और संगठनों द्वारा किए जा रहे आंदोलन के देखते हुए ऐसा करना करना चाहिए। SC निर्देश का पालन करके विभागीय TET notification जारी कर in-service teachers को targeted opportunity दें (relaxed syllabus/age/attempt limits के साथ यदि जरूरी)।

- **शिक्षकों के लिए**: 

  - 31 Aug 2028 तक qualify करें, वरना service प्रभावित।

  - राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील पाण्डेय जी के नेतृत्व में अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ memorandum/DM-CM को दिए जा रहे है, departmental TET की मांग की जा रही है।

  - Regular UPTET + departmental दोनों options रखें।

- **संभावित timeline**: UP में UPTET 2026 July में है; departmental अलग notification जल्द आ सकता है (TN/AP मॉडल की तरह)।


**निष्कर्ष**: SC आदेश विभागीय TET को **enable** करता है, न कि prohibit। कोई major legal hurdle नहीं; बल्कि implementation का हिस्सा है। UP सरकार इसे execute कर सकती है बिना court stay के डर के। अधिक details के लिए full judgment (2026 INSC 597) पढ़ें ।

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