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उच्च प्राथमिक विद्यालयों में Subject Mapping का आधार क्या है? जानिए नियम, प्रक्रिया और मानव संपदा पोर्टल की भूमिका

 

उच्च प्राथमिक विद्यालयों में Subject Mapping का आधार क्या है? जानिए नियम, प्रक्रिया और मानव संपदा पोर्टल की भूमिका









उत्तर प्रदेश के उच्च प्राथमिक परिषदीय विद्यालयों (जूनियर हाईस्कूल) में शिक्षकों की Subject Mapping को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रहती है। Subject Mapping मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981, RTE Act 2009 तथा विभागीय मानव संपदा पोर्टल (Manav Sampada Portal) पर उपलब्ध शैक्षिक विवरणों के आधार पर की जाती है।

विषयवार शिक्षकों का वर्गीकरण

RTE अधिनियम, 2009 के अनुसार उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) पर विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा पढ़ाए जाने की व्यवस्था है। इसके तहत प्रमुख रूप से तीन श्रेणियां निर्धारित हैं—

विज्ञान एवं गणित (Science & Mathematics)

सामाजिक अध्ययन (Social Studies)

भाषा (Hindi, English, Sanskrit, Urdu आदि)

मानव संपदा पोर्टल पर कैसे होती है Subject Mapping?

विभाग द्वारा प्रत्येक शिक्षक के शैक्षिक अभिलेख, स्नातक विषयों तथा नियुक्ति/पदोन्नति के पदनाम के आधार पर मानव संपदा पोर्टल पर Subject Mapping की जाती है।

1. विज्ञान/गणित शिक्षक

जिन शिक्षकों की नियुक्ति विज्ञान या गणित पद पर हुई है अथवा जिन्होंने B.Sc./B.Tech आदि में विज्ञान एवं गणित विषयों का अध्ययन किया है, उन्हें सामान्यतः Science & Mathematics श्रेणी में मैप किया जाता है।

2. कला/सामाजिक विज्ञान शिक्षक

जिन शिक्षकों ने B.A. में इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, अर्थशास्त्र आदि विषयों का अध्ययन किया है, उन्हें Social Science श्रेणी में रखा जाता है।

3. भाषा शिक्षक

हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उर्दू आदि भाषा विषयों में विशेष योग्यता रखने वाले शिक्षकों को Language Teacher के रूप में मैप किया जाता है।

इंटर-BTC शिक्षकों की Subject Mapping

पोस्टर के अनुसार, जो शिक्षक इंटरमीडिएट एवं BTC योग्यता के आधार पर बेसिक शिक्षा में नियुक्त हुए हैं, उनकी Subject Mapping में इंटरमीडिएट के विषयों को आधार माना जाता है।

यदि इंटरमीडिएट विज्ञान वर्ग से है

यदि शिक्षक ने इंटरमीडिएट में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित अथवा जीव विज्ञान का अध्ययन किया है, तो उन्हें Science/Mathematics श्रेणी में मैप किया जा सकता है।

यदि इंटरमीडिएट कला/कॉमर्स वर्ग से है

यदि शिक्षक ने इंटरमीडिएट में इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र, अर्थशास्त्र, हिंदी, अंग्रेजी या वाणिज्य जैसे विषय पढ़े हैं, तो उनकी Mapping Social Science अथवा Language श्रेणी में की जा सकती है।

मानव संपदा पोर्टल की भूमिका

मानव संपदा पोर्टल पर निम्न कार्य किए जाते हैं—

✔ ऑनलाइन विवरण प्रविष्टि
✔ शैक्षिक योग्यता सत्यापन
✔ विषय निर्धारण
✔ Subject Mapping
✔ विद्यालय स्तर पर शिक्षक संख्या का संतुलन

निष्कर्ष

Subject Mapping का उद्देश्य विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। हालांकि विभिन्न जिलों और ब्लॉकों में Subject Mapping के मानकों को लेकर शिक्षकों द्वारा एकरूपता की मांग भी लगातार उठाई जा रही है। ऐसे में विभागीय स्तर पर स्पष्ट दिशा-निर्देश और पारदर्शी प्रक्रिया शिक्षकों तथा विद्यार्थियों दोनों के हित में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

“सही Subject Mapping से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलती है और विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण मजबूत होता है।”





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