मुख्यमंत्री योगी के सख्त निर्देश: मोहर्रम में हथियार प्रदर्शन पर रोक, योग दिवस और जनसुनवाई को लेकर दिए अहम आदेश
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के अधिकारियों को कानून-व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, स्वच्छता अभियान और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि मोहर्रम का पर्व शांति और श्रद्धा का प्रतीक है तथा इसे शक्ति प्रदर्शन का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा।
मोहर्रम पर विशेष सतर्कता के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोहर्रम मातम का अवसर है, शक्ति प्रदर्शन का नहीं। उन्होंने जुलूसों के दौरान हथियारों के प्रदर्शन और कानफोड़ू डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों और तय सीमा के भीतर ही रखी जाए।
57 हजार ग्राम पंचायतों और 762 निकायों में योग दिवस
मुख्यमंत्री ने बताया कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश की 57 हजार ग्राम पंचायतों और 762 नगरीय निकायों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
अमृत सरोवरों और ऐतिहासिक स्थलों पर होगा योगाभ्यास
इस वर्ष योग दिवस की थीम "स्वस्थ आयु के लिए योग" रखी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत सरोवरों, ऐतिहासिक स्थलों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर सामूहिक योगाभ्यास के कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
20 जून को विशेष स्वच्छता अभियान
योग दिवस से पूर्व 20 जून को प्रदेशव्यापी विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों, पार्कों, विद्यालयों, अस्पतालों और सरकारी कार्यालयों के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाया जाए।
जनता दर्शन और जनसुनवाई को दें प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता दर्शन और जनसुनवाई कार्यक्रमों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। आम जनता की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के समाधान में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
तीन दिन में हो सीएमओ की तैनाती
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन जिलों में अभी तक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) की तैनाती नहीं है, वहां अगले तीन दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सभी निर्देशों का समयबद्ध और प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा तथा कानून-व्यवस्था, स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसेवा से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी।
