|
खबरों के लिए Follow करें Primary Ka Master चैनल

Full width home advertisement

ADVERTISEMENT

Post Page Advertisement [Top]

अलर्ट: भारत में पेरोल क्रांति 2026—सैलरी स्ट्रक्चर और टैक्स नियमों में 5 बड़े बदलाव

अलर्ट: भारत में पेरोल क्रांति 2026—सैलरी स्ट्रक्चर और टैक्स नियमों में 5 बड़े बदलाव

नवंबर 2025 से लागू हुए चार नए श्रम कोड (Labour Codes) और 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होने जा रहा आयकर अधिनियम 2025, भारतीय कॉरपोरेट जगत के लिए एक नए युग की शुरुआत है। न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, पेस्क्वेयर कंसल्टेंसी लिमिटेड ने चेतावनी दी है कि इन नियमों की अनदेखी करने पर कंपनियों को भारी जुर्माने और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

यहाँ उन 5 बड़े बदलावों का विवरण है जो हर कर्मचारी और नियोक्ता (Employer) को जानने चाहिए:

1. 50% बेसिक पे का अनिवार्य नियम

नए वेतन संहिता (Code on Wages) के अनुसार, अब कर्मचारी की बेसिक सैलरी (DA सहित) कुल CTC का कम से कम 50% होनी चाहिए।

प्रभाव: भविष्य निधि (PF) में योगदान बढ़ेगा, जिससे हाथ में आने वाली सैलरी (Take-home pay) कम हो सकती है, लेकिन रिटायरमेंट फंड मजबूत होगा।

लागत: कंपनियों के लिए ग्रेच्युटी, ओवरटाइम और लीव एनकैशमेंट का खर्च बढ़ जाएगा।

2. नया आयकर अधिनियम 2025 (Income Tax Act 2025)

1 अप्रैल 2026 से, 1961 का पुराना आयकर कानून इतिहास बन जाएगा।

बदलाव: पेरोल सिस्टम को नए TDS कैलकुलेशन और रिपोर्टिंग फॉर्म्स (जैसे नया Form 16 और 24Q) के अनुसार अपडेट करना होगा।

सख्ती: ऑडिट प्रक्रिया पहले से अधिक पारदर्शी और 'ट्रेसेबल' होगी, जिससे डेटा में हेरफेर की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।

3. 'फुल एंड फाइनल' सेटलमेंट: अब सिर्फ 2 दिन में

नौकरी छोड़ने या हटाए जाने की स्थिति में, कर्मचारियों के बकाया वेतन का भुगतान अब 2 कार्य दिवसों (Working Days) के भीतर करना अनिवार्य है।

चुनौती: कंपनियों को अपनी HRMS प्रक्रियाओं को रियल-टाइम मोड पर लाना होगा ताकि रिकंसिलिएशन में देरी न हो।

4. 100% डिजिटल रिकॉर्ड और सख्त जुर्माना

अब हाजिरी, पेस्लिप, PF/ESI योगदान और सभी वैधानिक रजिस्टरों को डिजिटल प्रारूप में रखना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

दंड: नियमों का उल्लंघन करने पर 3 लाख रुपये तक का जुर्माना और बार-बार गलती करने पर जेल की सजा का प्रावधान है। अधिकारी अब किसी भी समय 'डिजिटल निरीक्षण' कर सकते हैं।

5. फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को भी सामाजिक सुरक्षा

प्रोजेक्ट आधारित या निश्चित अवधि (Fixed Term) के लिए रखे गए कर्मचारियों को भी अब नियमित कर्मचारियों की तरह लाभ मिलेंगे।

ग्रेच्युटी: सबसे बड़ा बदलाव यह है कि फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की पात्रता 5 साल से घटाकर सिर्फ 1 साल कर दी गई है।

विशेषज्ञ की राय: "आज के दौर में अनुपालन (Compliance) में चूक की कीमत, उसे सही तरीके से लागू करने की लागत से कहीं अधिक है। 2026 का गणित बदल चुका है; अब पेरोल प्रबंधन में छोटी सी गलती भी वित्तीय और प्रतिष्ठा की भारी हानि करा सकती है।"

ADVERTISEMENT
Share:

Bottom Ad [Post Page]

IMPORTANT NOTICE
⚠️ इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरों को पढ़ने के बाद कृपया संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि अवश्य करें। किसी भी त्रुटि के लिए वेबसाइट प्रशासन जिम्मेदार नहीं होगा।
Primary Ka Master, Primary Ka Master News, UP Basic Shiksha News, Basic Shiksha Khabar, UPTET News, Super TET News, Teacher News, Shikshamitra News, Basic Shiksha Parishad, UP Education News, Sarkari Result, Teacher Recruitment, UP Teacher Vacancy, CTET News, D.El.Ed News, TET News, UPPSC News, Government Jobs, Sarkari Naukri, Latest Education News, UP School News, Basic Education Department News
Facebook WhatsApp Telegram Twitter Copy Share
WhatsApp Group Join