अपर आईडी बनाने में सुस्ती पर मांगा जवाब
लखनऊ। प्रदेश में ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (APAAR) आईडी बनाने में सुस्ती को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। विभाग ने सभी जिलों से APAAR आईडी निर्माण की प्रगति को लेकर जवाब मांगा है।
जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग ने जवाहर नवोदय विद्यालय समेत कई जिलों से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। राजकीय, एडेड और निजी स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों के शैक्षिक रिकॉर्ड की जानकारी इस 12 अंकों की APAAR आईडी से मिलेगी।
कुछ जिलों में आधार के समय दर्ज मोबाइल नंबर और छात्रों के आधार कार्ड नहीं बने होने के कारण भी समस्या सामने आ रही है। इस समस्या को दूर करने के लिए विभाग की ओर से शिक्षकों एवं शिक्षा अधिकारियों से प्रयास किए जा रहे हैं।
वहीं, कुछ जिलों में आधार कार्ड होने के बाद भी छात्रों की APAAR आईडी बनाने में लापरवाही बरती जा रही है। इसके चलते कई जिलों में अभी भी 35 से 40 प्रतिशत छात्रों की APAAR आईडी नहीं बन पाई है।
विभाग ने संबंधित अधिकारियों को APAAR आईडी निर्माण में तेजी लाने और लंबित मामलों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।