सीएम की सख्ती पर स्कूलों की व्यवस्था में सुधार शुरू, नोडल अधिकारी रोज दो स्कूल का करेंगे निरीक्षण
लखनऊ,
लखनऊ समेत दूसरे जिलों के कई स्कूल के जेन जी और अल्फा के प्रदर्शन की हुई घटनाओं का मुख्यमंत्री ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। सीएम के निर्देश के बाद स्कूलों में सुधार की दिशा में काम शुरू हो गया है। डीएम विशाख जी ने गुरुवार को सरोजनीनगर के और साहीन का पुरवा प्राइमरी स्कूल का निरीक्षण कर बच्चों की पढ़ाई, मिड डे मील, पेयजल, सफाई, जल भराव समेत भवन के निर्माण की स्थिति परखी। ग्रामीण क्षेत्र के आठ ब्लॉक और नगर के चारों जोन में 12 नोडल और छह बीडीओ अधिकारी नामित किये गए हैं। गुरुवार को सभी ने 38 स्कूलों का निरीक्षण किया है। जबकि बुधवार को 32 स्कूलों का निरीक्षण किया गया। पांच दिन में 200 स्कूलों के निरीक्षण का लक्ष्य रखा गया है। लखनऊ में 1618 प्राइमरी स्कूल संचालित हो रहे हैं। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और अटल आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों के रहन सहन, खानपान व सुरक्षा पर खासी निगरानी के निर्देश दिये हैं।
बच्चों से पढ़ाई और भोजन की
गुणवत्ता जानीः डीएम ने स्कूल के छात्र-छात्राओं से संवाद में विभाग से मुहैया करायी गईं किताबों, पढ़ाई, बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति के बारे में पूछा। साथ ही स्कूल के भवन और परिसर का निरीक्षण कर कक्षाओं की स्थिति, सफाई, शौचालय, पेयजल समेत अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। चन्द्रावल कंपोजिट स्कूल में बन रहे नए भवन को देखा। यहां बन रहे मल्टी पर्पज एमडीए शेड बनाने के निर्देश दिये। साथ ही साहीन का पुरवा प्राइमरी स्कूल में सफाई और इंटरलॉकिंग के लिये तहसीलदार को निर्देशित किया है। प्रधानाध्यापक और शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के साथ ही सुरक्षा और सेहत का ध्यान रखें।
नोडल अधिकारी रोज दो स्कूल का करेंगे निरीक्षण
डीएम विशाख जी ने बताया कि नोडल अधिकारी और बीडीओ हर दिन अपने-अपने क्षेत्र के दो-दो स्कूल के निरीक्षण स्कूल में बच्चों की पढ़ाई, शिक्षकों की उपस्थिति, जर्जर कक्षाओं, शौचालय, भोजन, पेयजल, सफाई समेत जल भराव आदि व्यवस्थाओं का जायजा लेकर रिपोर्ट भेजेंगे। डीआईओएस देवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि राजकीय, सहायता प्राप्त, वित्तविहीन स्कूलों की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिये प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया। जर्जर कक्षाओं में बच्चों को कतई न बैठाएं।
