होमगार्डों को पांच लाख के कैशलेस इलाज की सुविधा कैबिनेट में प्रस्ताव को मिली मंजूरी, आश्रित परिजनों को भी मिलेगा फायदा
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में होमगार्ड स्वयंसेवकों, अवैतनिक अधिकारियों और उनके आश्रित परिजनों को परिवार कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके तहत प्रत्येक पात्र परिवार को सालाना पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साल छह दिसंबर को होमगार्ड दिवस के अवसर पर होमगार्ड जवानों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी। उसी के तहत तैयार प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत लाभार्थी राजकीय अस्पतालों के साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी उपचार करा सकेंगे। आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आईपीडी उपचार के लिए भी कैशलेस सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के संचालन पर प्रति होमगार्ड स्वयंसेवक एवं अवैतनिक अधिकारी तीन हजार रुपये वार्षिक प्रीमियम के हिसाब से करीब 35.50 करोड़ रुपये का वार्षिक व्यय आने का अनुमान है। योजना का संचालन स्टेट एजेंसी
फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साची) के माध्यम से किया जाएगा।
एक लाख से अधिक होमगार्ड व उनके परिवार को होगा लाभ :
डीजी होमगार्ड डीके ठाकुर ने बताया कि वर्तमान में 67 हजार होमगार्ड तैनात है। करीब 41 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इस तरह आने वाले कुछ महीनों में होमगार्ड की संख्या 1.08 लाख तक हो जाएगी। कैशलेस की सुविधा इन होमगार्ड और उनके परिवारों को मिलेगी।
पशुओं का बीमा कराने पर किस्त का 85% देगी सरकार :
प्रदेश में पशुओं का बीमा कराने पर प्रीमियम (किस्त) का 85 फीसदी सरकार देगी। 15 फीसदी पशुपालक को देना होगा। इसके लिए मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना (राज्य-योजना) की कार्य योजना एवं निहित वित्तीय उपाशय के प्रस्ताव को सोमवार को कैबिनेट की मंजूरी दे दी गई है। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि पशुपालकों की आर्थिक क्षति से बचाने के लिए अब पशुओं का मानवों की तरह पशुधन बीमा कराया जाएगा। पशु मृत्यु के बाद दावे की धनराशि को सीधे लाभार्थी के खाते में भुगतान किया जाएगा। पूर्ण स्थायी विकलांगता पर बीमित राशि का 75% तक भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किया जाएगा।
